Top 100 Whatsapp Status Love

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Top 100 Whatsapp Status Love

Top 100 Whatsapp Status Love

 

उस हकीम ने तो मेरे इलाज की हद ही पार कर दी... 

मेरे महबूब की तस्वीर ताब़ीज में डाल कर दी! 

 

मैं कहाँ से लाऊँ कोई बताओ कहाँ बिकता है वो...  

वो नसीब जो तुझे उम्र भर के लिए मेरा कर दे! 

 

आऔ बैठो करीब मेरेे कुछ तो बात कर लो... 

मैं हूँ ख़ामोश गर तो तुम ही शुरुआत कर लो! 

 

आपसे रोज़ मिलने को दिल चाहता है​​​ ... 

कुछ सुनने सुनाने को दिल चाहता है​​​ ​था... 

आपके मनाने का अंदाज़ ऐसा​​​ ​कि... 

फिर रूठ जाने को दिल चाहता है​! 

 

तन्हाइयों में मुस्कुराना इश्क है... 

एक बात को सबसे छुपाना इश्क है... 

यूं तो नींद नहीं आती हमें रात भर... 

मगर सोते सोते जागना और जागते जागते सोना इश्क है! 

 

बड़ा मज़ा आता है उसे बार-बार मुझे सताने में... 

क्यो भूल जाती है कि... 

नहीं मिलेगा कोई मुझसा चाहने वाला इस जमाने में... 

नहीं आए यकिन तो आजमाकर देख लेना... 

कुछ बात अलग है इस दीवाने में... 

तारीफ नहीं करता खुद की... 

मगर ये सच है... 

कोई कसर नहीं छोडूंगा तेरा साथ निभाने में! 

 

सिर्फ जुबां से किया हुआ ही वादा नहीं होता... 

बार-बार इजहार से प्यार ज्यादा नहीं होता... 

मुझे जानना है तो मेरी रूह में समा जाओ... 

किनारे से समंदर का अंदाजा नहीं होता! 

 

प्यार का बदला कभी चुका न सकेंगे...

चाह कर भी आपको भुला न सकेंगे... 

तुम ही हो मेरे लबों की हंसी... 

तुम से बिछड़े तो फिर मुस्कुरा न सकेंगे! 

 

मेरे वजूद में ऐ काश तू उतर जाए... 

मैं देखूं आईना और तू नजर आए... 

तूम हो सामने और वक्त ठहर जाए... 

ये जिंदगी तूझे यूं ही देखते हुए गुजर जाए! 

 

उसने कहा भरोसा दिल पर इतना नहीं करते... 

मैंने कहा प्यार में कभी सोचा नहीं करते... 

उसने कहा बहुत कुछ दुनिया के नजरों में है... 

मैंने कहा जब तुम साथ हो तो हम कुछ और देखा नहीं करते! 

 

सुना है वो जाते हुए कह गए है कि... 

अब तो हम सिर्फ तुम्हारे ख्वाबों में आएंगे... 

कोई कह दे उनसे की वो वादा कर लें... 

हम जिंदगी भर के लिए सो जाएंगे!

 

परवाह कर उसकी जो तेरी परवाह करे... 

जिंदगी में जो न कभी तन्हा करे... 

तुम बनकर उतर जाना उसकी रूह में... 

जो जान से भी ज्यादा तुम से वफा करे! 

 

क्या-क्या तेरे नाम लिखूं दिल लिखूं की जान लिखूं... 

आंसू चुरा के तेरे प्यारे आंखों से अपनी हर खुशी तेरे नाम लिखूं! 

 

कई चेहरे लेकर लोग यहां जिया करते हैं... 

हम तो बस एक ही चेहरे से प्यार करते हैं... 

न छुपाया करो तुम अपने इस चेहरे को क्योंकि... 

हम इसे ही देखकर जिया करते हैं! 

 

तेरे प्यार का कितना खूबसूरत​​ एहसास है...

​दूर होकर भी लगता है जैसे तू हर पल मेरे आस पास है! 

 

मेरी धड़कन की आवाज़ सुननी हो तो... 

मेरे सीने पर अपना सर रख... 

वादा है मेरा ज़िन्दगी भर तेरे कानों में... 

मेरी मोहब्बत गूंजेगी! 

 

मुझे अपने दिल की औकात तो नहीं मालूम मगर... 

जहां तुम समाये हो वो दिल कोई आम नहीं होगा! 

 

कुछ दूर हमारे साथ चलो... 

हम दिल की कहानी कह देंगे... 

समझे ना जिसे तुम आखो से... 

वो बात जुबानी कह देंगे! 

 

इतनी मोहब्बत बिखेर दूँगा अपने लफ़्ज़ों से... 

की एक ना एक दिन तू भी कहेगी... 

की इतनी मोहब्बत कोई कैसे कर सकता है! 

 

अंजाम की परवाह होती तो... 

हम मोहब्बत करना छोड़ देते...

मोहब्बत में तो जिद्द होती है... 

और जिद्द के बड़े पक्के हैं हम!

 

देख रहे थे वो हमें खिड़कियों से छुप के... 

हम सामने क्या आये उन्होने नज़रे ही चुरा लिया! 

 

मोहब्बत के लिए खूबसूरत होने की कैसी शर्त...

इश्क हो जाए तो सब कुछ खूबसूरत लगने लगता है! 

 

तलाश ली तुमने मेरी हँसी में भी तस्वीर अपनी... 

बड़े गज़ब का हुनर रखते हो निगाहों में अपनी! 

 

तेरे इश्क की जंग मैं हम मुस्कुराके डट गए... 

तलबार से तो बच गए तेरी मुस्कान से कट गए!  

 

पतंग कट भी जाए मेरी तो कोई परवाह नहीं... 

आरजू बस इतनी सी है कि तुम्हारी छत पे जा गिरे!

 

अगर मोहब्बत उनसे ना मिले जो तुम्हारे प्यारे हैं...  

तो मोहब्बत उनको जरूर देना जिनके तुम प्यारे हो! 

 

मोहब्बत में झुकना कोई अजीब बात नहीं...

चमकता सूरज भी ढल जाता है चाँद के लिए! 

 

बेशक तुम्हें गुस्सा करने का हक है मुझ पर... 

पर नाराजगी में कहीं ये मत भूल जाना कि... 

हम बहुत प्यार करते हैं तुमसे!

 

तुम कोई ज़िद्द नहीं हो मेरी जिसे मैं पूरा करूँ... 

तुम तो मेरी धड़कन हो जो... 

ज़रूरी है ज़िन्दगी में मेरी! 

 

आपकी कमी से मेरा दिल उदास है... 

पर मुझे तो आपसे मिलने की आस है... 

जख़्म नहीं पर दर्द का एहसास है... 

ऐसा लगता है जैसे दिल का एक टुकड़ा आपके पास है! 

 

शर्मों हया से उनकी पलकों का झुकना इस तरह...

जैसे कोई फूल झुक रहा हो एक तितली के बोझ से! 

 

कल मैंने अपने दिल से तेरा रिश्ता पूछा तो कमबखत बोला कि... 

उतना मैं तेरा भी नहीं हूँ जितना उस पगली का हूँ! 

 

तू हाँ कहेगी तो जी जाऊँगा तू ना कहेगी तो मर जाऊँगा... 

एक बार बोल के देख तेरे लिए कुछ भी कर जाऊँगा! 

 

यादो में न ढूंढो हमें...

मन में हम बस जायेंगे... 

तमन्ना हो अगर मिलने की तो हाथ रखो दिल पर... 

हम धडकनों में मिल जायेंगे! 

 

कुछ दूर हमारे साथ चलो...

हम दिल की कहानी कह देंगे... 

समझे ना जिसे तुम आखो से...

वो बात जुबानी कह देंगे! 

 

जितना प्यार है आपसे उस से और...

ज्यादा पाने को जी चाहता है... 

जाने वो कौन सी खूबी है आप में... 

कि हर रिश्ता आपसे बनाने को जी चाहता! 

 

तेरे बिना टूट कर बिखर जायेंगे... 

तुम मिल गए तो गुलशन की तरह खिल जायेंगे... 

तुम ना मिले तो जीते जी ही मर जायेंगे... 

तुम्हें जो पा लिया तो मर कर भी जी जायेंगे! 

 

काश की खुशियों की दुकान होती... 

उनमें हमारी थोड़ी पहचान होती... 

सारी खुशियाँ डाल देता तेरी दामन में चाहे... 

उनकी कीमत हमारी जान क्यों न होती!

 


इश्क़ कभी होठों से चख़ा भी नहीं...

फिर भी...

तेरे सिवा मैंने कुछ लिखा भी नहीं!

 

तेरे इंतजार में कब से उदास बैठे हैं... 

तेरे दीदार में आँखे बिछाये बैठे हैं... 

तू एक नज़र हम को देख ले बस... 

इस आस में कब से बेकरार बैठे हैं!

 

जो दिल से करीब हो उसे रुसवा नहीं कहते...  

यूं अपनी मोहब्बत का तमाशा नहीं करते... 

खामोश रहेंगे तो घुटन और बढ़ेगी... 

इसलिए अपनों से कोई बात छुपाया नहीं करते! 

 

हर अदा उसकी शायराना है... 

वो ग़ज़ल है या इक फ़साना है! 

 

दौलत नहीं शोहरत नहीं न वाह-वाह चाहिए... 

कैसे हो? कहाँ हो? बस दो लफ़्जों की परवाह चाहिए! 

 

कभी आहट कभी ख़ुशबू कभी नूर से आ जाती है...

तेरे आने की ख़बर मुझे दूर से आ जाती है! 

 

मैने रखा है मोहब्बत अपने अफसाने का नाम... 

तुम भी कुछ अच्छा सा रखलो अपने दिवाने का नाम! 

 

उन्होंने ने कहा तुम्हारी आँखें बहुत खूबसूरत है... 

हमने भी कह दिया आपके ख्वाब जो देखती हैं! 

 

नज़रों से ना देखो हमें तुम में हम छुप जायेंगे...

अपने दिल पर हाथ रखो तुम हम वही तुम्हें मिल जायेंगे! 

 

न हमें तुमसा न तुम्हे हमसा कोई मिलेगा... 

क्योंकि तुम अनमोल ठहरे और हम नायाब!

 

जाने क्यों आती है याद तुम्हारी... 

चुरा ले जाती है आँखों से नींद हमारी... 

अब यही ख्याल रहता है सुबह शाम... 

कब होगी तुमसे मुलाकात हमारी!

 

तुझ से दूर रहकर मोहब्बत बढ़ती जा रही है... 

क्या कहूँ कैसे कहूँ ये दुरी तुझे और करीब ला रही है!

 

रूह से तुम्हें महसूस करें लब्जों मैं तुम्हारे खो जायें... 

इश्क का मौसम है कहो तो आपके हो जायें! 

 

प्यार मोहब्बत है नफरत नहीं... 

प्यार इक़रार है तकरार नहीं... 

प्यार हकीकत है ख्याल नहीं...  

हर कोई प्यार को समझ नहीं सकता... 

प्यार एहसास है अंदाज़ नहीं! 

 

इश्क़ की उम्र नहीं होती ना ही दौर होता है... 

इश्क़ तो इश्क़ है जब होता है बेहिसाब होता है! 

 

कुछ लोग दिल के इतने खुबसुरत होते हैं... 

कि चाहे वो ना मिले पर...

उम्र भर उन्हे चाहने को दिल करता है! 

 

तेरी मोहब्बत से तो तेरी यादें अच्छी है... 

रूलाती तो है पर हमेशा साथ तो रहती है! 

 

जब पूछती है वो मीठे में क्या लेंगें आप... 

कम्बख्त ये निगाहें उसके लबों पे जा ठहरती हैं! 

 

सपना है आॅखो में मगर नींद कहीं और है... 

दिल तो हैं जिस्म में मगर धड़कन कहीं और है...

कैसे बयान करें अपना हाल - ए - दिल... 

जी तो रहें हैं मगर जिंदगी कहीं और है! 

 

मुझे नही खबर कि तुम्हारी जिन्दगी में वो कौन सा पल है…

जो सिर्फ मेरे लिए हो…

पर मेरी जिन्दगी का हर इक पल... 

सिर्फ तुम्हारे लिए है!

 

परछाई आपकी हमारे दिल में है...

यादे आपकी हमारी आँखों में है... 

कैसे भुलाये हम आपको... 

प्यार आपका हमारी साँसों में है! 

 

तेरी मोहब्बत से मुझे इनकार नहीं... 

कौन कहता है जान मुझे तुझसे प्यार नहीं... 

तुझसे वादा है साथ निभाने का... 

पर मुझे अपनी साँसों पर ऐतबार नहीं! 

 

सच्चा प्यार तो वही है जहाँ लड़ाई होने के बाद भी...

दिल में प्यार और फ़िक्र बरक़रार रहे!

 

मोह्ब्बत किसी ऐसे सख्स की तलाश नहीं करती... 

​जिसके साथ रहा जाये... 

​मोह्ब्बत तो ऐसे शख्स की तलाश करती है... 

​जिसके बगैर रहा न जाये!

 

खुबसूरत इशारों में वो हम पर अपना हक जता देते है... 

वो मेरे नही होते पर हमे अपना बता देते है! 

 

अपनीसाँसें भी कर दी है तेरी साँसों में शामिल... 

अब इस से ज़्यादा तुझे और कैसे चाहूँ! 

 

देख मेरे प्यार की गहराइयों में... 

सोच मेरे बारे में तन्हाइयों में... 

अगर हो जाये मेरी चाहत का... 

यकीन तो पाओगे मुझे अपनी परछाइयों में! 

 

कुछ दूर हमारे साथ चलो हम दिल की कहानी कह देंगे... 

समझे ना जिसे तुम आखो से वो बात जुबानी कह देंगे! 

 

तेरे इंतजार में कब से उदास बैठे हैं... 

तेरे दीदार में आँखे बिछाये बैठे हैं... 

तू एक नज़र हम को देख ले बस... 

इस आस में कब से बेकरार बैठे हैं! 

 

जागना भी कबूल हैं तेरी यादों में रात भर... 

तेरे एहसासों में जो सुकून है वो नींद में कहाँ! 

 

तूझ से दूर रहकर मोहब्बत बढ़ती जा रही है... 

क्या कहूँ कैसे कहूँ ये दुरी तुझे और करीब ला रही है! 

 

तेरा नाम ही ये दिल रटता है... 

ना जाने तुम पे ये दिल क्यू मरता है! 

नशा है तेरे प्यार का इतना कि... 

तेरी ही याद में ये दिन कटता है! 

 

सांसे तो रोक लूं अपनी ये तो मेरे बस में है... 

यादें कैसे रोकूं तेरी तु मेरी नस - नस में है! 

 

कोई ठुकरा दे चाहत को तो हँस कर सह लेना... 

मोहब्बत की तबियत में ज़बरदस्ती नहीं होती! 

 

परफ्युम तो शौक के लिए लगाती हूं... 

तन्हाई तो तुम्हारी यादों से महकती है!  

 

कुछ तो रिश्ता रहा होगा पिछले जन्म में तुमसे... 

यूहीं तुम इतने अजीज़ नहीं हो! 

उस मुस्कान से खूबसूरत और कुछ नहीं है... 

जो आंसुओं से संघर्ष कर आती है! 

 

इश्क़ वही है जो हो एक तरफ़ा...

इज़हार-ए-इश्क़ तो खाहिश बन जाती है... 

है अगर इश्क़ तो आँखों में देखो...

ज़ुबान खोलने से ये नुमाइश बन जाती है! 

 

प्यार का पहला इश्क का दूसरा और...

मोहब्बत का तीसरा अक्षर अधूरा होता है... 

इसलिए हम आपको चाहते हैं...

क्योंकि चाहत का हर अक्षर पूरा होता है! 

 

इजाज़त हो तो हम भी वहम एक पाल लें... 

तुम भी याद करते हो मुझे इसको हक़ीक़त मान लें! 

 

एक ही शख्स को ढूँढती हैं, ये निगाहें साहब...

ये वो प्यार नहीं, जो हर किसी से कर लूँ! 

 

रिश्ता उन से मेरा.. इस कदर बढ़ने लगा... 

वो मुझे पढ़ने लगे हम उन्हें लिखने लगे! 

 

हम अनमोल तो नहीं मगर बारिश के बूंदो की तरह ख़ास ज़रूर हैं...

जो कभी हाथो से गिर जाये तो मिला नही करते! 

 

ख्यालों में बीत रहा हर लम्हा तेरा है...

इश्क़ भी तुझ से है ख्याल भी तेरा है! 

 

मेरा लिखना तुझे तेरा पढ़ना मुझे... 

उफ्फ़... 

यही तो पढ़ा लिखा इश्क़ है! 

 

इश्क ओर दोस्ती मेरे दो जहान हैं... 

इश्क मेरी रुह तो दोस्ती मेरा ईमान है... 

इश्क पर तो फिदा कर दूँ अपनी पुरी जिंदगी... 

पर दोस्ती पर मेरा इश्क भी कुर्बान है!

 

मुझे रिश्तो की लम्बी कतारों से मतलब नहीं... 

कोई दिल से हो मेरा तो एक शख्स ही काफी है! 

 

कोई ठुकरा दे चाहत को तो हँस कर सह लेना... 

मोहब्बत की तबियत में ज़बरदस्ती नही होती! 

 

न सुना करो मुझे गौर से न लिखा करो मुझे रेत पे... 

मैं रिवाज़ हूँ नये इश्क़ का मुझे सोचना भी आफ़त है! 

 

कौन सी "यादें" कौन सी बातें... 

कौन सा "राज़" हो...

आप मेरी "साँस" मेरी "सोच" "हो... 

आप "आँखों" के पास नहीं ना सही... 

मगर "दिल" के बहुत "पास" हो आप! 

 

उनका इतना सा किरदार है मेरे जीने में... 

कि उनका दिल धड़कता है मेरे सीने में! 

 

हाल तो पूछ लू तेरा पर डरता हूँ आवाज़ से तेरी... 

ज़ब ज़ब सुनी है कमबख्त मोहब्बत ही हुई है! 

 

मुझे तेरा साथ जिंदगीभर नहीं चाहिये... 

बल्कि जब तक तु साथ है... 

तब तक जिंदगी चाहिये! 

 

कितना अच्छा लगता है ये सुनना... 

जब कोई व्यस्त होने पर भी ये बोले... 

आप से ज़्यादा ज़रूरी नहीँ है कुछ भी मेरे लिये! 

 

वादा है जब भी मिलोगे हर बार तुम्हें इश्क होगा...

मुहब्बत पुरी शिधत से होगी और प्यार बेपनाह होगा! 

 

तेरे इंतज़ार में मेरा बिखरना इश्क़ है... 

तेरी मुलाकात पर निखरना मेरा इश्क़ है! 

 

क्या भूल गए तुम कि कैसे गर्मी की उस रात में... 

टहल रहे थे हम दोनों ले चांदनी को साथ में! 

 

एक बेक़रारी सी है इन हवाओं में... 

लगे यूँ कि जैसे तू मौजूद हैं इन फिज़ाओं में!

 

गुलाबों ने ख्वाबों की हक़ीक़त सिखाई है... 

मोहब्बत भले ही न मिली हो... 

मगर प्रीत हमने दिल से निभाई है! 

 

कुछ लोग दिल के इतने खुबसुरत होते है... 

कि चाहे वो ना मिले... 

पर उम्र भर उन्हे चाहने को दिल करता है! 

 

हमने भी कभी प्यार किया था... 

थोड़ा नही बेशुमार किया था... 

दिल टूट कर रह गया...

जब उसने कहा... 

अरे मैने तो मज़ाक किया था! 

 

आँखों मे आ जाते है आँसू... 

फिर भी लबो पे हसी रखनी पड़ती है... 

ये मोहब्बत भी क्या चीज़ है यारो... 

जिस से करते है उसीसे छुपानी पड़ती है! 

 

इंतज़ार की आरज़ू अब खो गयी है... 

खामोशियो की आदत हो गयी है... 

न सीकवा रहा न शिकायत किसी से... 

अगर है तो एक मोहब्बत... 

जो इन तन्हाइयों से हो गई है! 

 

मैं तोड़ लेता अगर तू गुलाब होती... 

मे जवाब बनता अगर तू सबाल होती... 

सब जानते है मैं नशा नही करता...  

मगर में भी पी लेता अगर तू शराब होती!