Top 100 Suvichar in Hindi Wallpaper

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Top 100 Suvichar in Hindi Wallpaper

Top 100 Suvichar in Hindi Wallpaper

 

"संसार" में 'सबसे बड़ा' "आदमी" वही कहलाता है ...

जिससे 'मिलने' के बाद कोई ... 

"इन्सान खुद" को 'छोटा' "महसूस ना" करे!

 

दुनिया वो "किताब" है,

जो "कभी नहीं पढी़" जा सकती... 

लेकिन "जमाना" वो "अध्यापक" है, 

जो सब कुछ "सीखा" देती है! 

 

इंसान' की सोच भी 'अज़ीब' है "कामयाबी" मिले तो ...

अपनी 'अक्ल' पर "खुश" होता है ... 

और जब "परेशानी" आये तो अपने 'नसीब' को "दोष" देता है! 

 

'समस्या' के बारे में सोचने से "बहाने" मिलते हैं ...

'समाधान' के बारे में सोचने पर "रास्ते" मिलते हैं... 

जिंदगी को "आसान" नहीं, 

बस खुद को "मजबूत" बनाना पड़ता है,

"उत्तम समय" कभी 'नहीं' आता है ...

"समय" को "उत्तम बनाना" पड़ता है! 

 

बहुत सुंदर अक्षरों में लिखा है किसी ने -

"रुद्राक्ष हो या इंसान"

बहुत "मुश्किल" से मिलते हैं ..."एक मुखी"!

 

"सच्चाई" के इस 'जंग' मे... 

कभी 'झूठे भी जीत' जाते है! 

"समय" अपना "अच्छा ना" हो तो...

कभी 'अपने' भी "बिक" जाते है!

 

धोखा देती है अक्सर 'मासूम चेहरे' की चमक...

हर "काँच के टुकड़े" को 'हीरा' नहीं कहते!

 

इंसान के गुण नमक की तरह होना चाहिये...

जो भोजन में रहता है मगर दिखाई नहीं देता...

और अगर ना हो तो...

उसकी बहुत कमी महसूस होती है! 

 

आँख से "गिरा आँसू" और "नज़रों" से 'गिरा' इन्सान... 

कभी भी "वापस" अपनी 'पहले वाली' "जगह नहीं" पाता!

 

किसी को 'झूठ' बोलकर "पाने" से 'अच्छा' है... 

सच बोल कर उसे "खो" दो!

 

लोगों का "आदर" केवल उनकी "शक्ल या सम्पत्ति"...

के कारण नहीं करना चाहिये बल्कि...

उनकी 'उदारता' के कारण करना चाहिये!

हम "सूरज" की 'कद्र' उसकी 'उँचाई' के कारण नहीं करते...

बल्कि उसकी 'उपयोगिता' के कारण करते हैं!

अतः व्यक्ति नहीं "व्यक्तित्व आदरणीय" है!

 

कुछ करने की 'इच्छा' वाले व्यक्ति के लिए...

इस 'दुनिया' में कुछ भी "असंभव" नहीं है!

 

जिंदगी में "समस्या" तो 'हर दिन' "नई" खड़ी है...

"जीत" जाते है वो 'जिनकी सोच' कुछ "बड़ी" है!

आओ... 'आज' "मुश्किलों" को "हराते" हैं...

चलो... 'आज दिन' भर "मुस्कुराते" हैं!

 

किसी 'हारे' हुए व्यक्ति के कँधे पर...

जब कोई 'हाथ' रखता है...

बस 'वही क्षण' केवल और...

उसी क्षण वहाँ 'परमात्मा बसता' है!

 

आसमान में 'मत दूंढ' अपने 'सपनों' को...

सपनों के लिए तो 'ज़मीन' जरूरी है...

सब कुछ मिल जाए तो 'जीने' का क्या मज़ा...

जीने के लिये "एक कमी" भी 'जरूरी' है! 

 

"गन्ने" में जहाँ 'गाँठ' होती है वहां "रस नहीं" होता ...

जहाँ "रस" होता है वहाँ 'गाँठ' नहीं होती!

बस "जीवन" भी ऐसा ही है, यदि "मन" में किसी के लिये ...

"नफरत" की 'गाँठ' होगी तो "हमारा जीवन" भी ...

"बिना रस" का बन जायेगा और ...

"जीवन" का 'रस' बनाये रखना हो तो ...

"नफरत" की 'गाँठ' को "निकालना" ही होगा! 

 

ना जिंदगी वापस आती है...

ना जिंदगी में आये हुये लोग... 

कई बार तबियत दवा लेने से नहीं... 

हाल पूछने से भी ठीक हो जाती है! 

 

ठोकर इसलिए नहीं लगती कि लोग "गिर जाए...

ठोकर तो सिर्फ इसलिए लगती है, कि लोग "संभल" जाएं! 

 

कचरे में फेंकी हुई रोटी...

रोज़ ये बयां करती है​...

कि पेट भरने के बाद... 

इन्सान अपनी औक़ात भूल जाता हैl 

 

वक्त का पासा कभी भी पलट सकता है,

तुम वही सितम करना, जो खुद सह सकोl 

 

जीत हासिल करनी हो तो काबिलियत बढाओ...

किस्मत की रोटी तो कुत्तों को भी नसीब हो जाती है!

 

ज्यादा खुश रहना भी पाप है इस जग में...

लोग अक्सर खिले हुए फूल को तोड़ देते है!

 

मानव संबंधो में सबसे "बड़ी" 'ग़लती'... हम 'आधा सुनते' हैं...

चौथाई समझते हैं "शून्य" सोचते हैं...

लेकिन ... प्रतिक्रिया "दुगुनी" करते हैं!

 

किन 'साँसों' का मैं 'एतबार' करूँ जो "अंत" में...

मेरा साथ "छोड" जाऐंगी...

किस "धन" का मैं "अंहकार" करूँ जो "अंत" में...

मेरे 'प्राणों' को "बचा" ही नहीं पाएगा! 

किस "तन" पे मैं "अंहकार" करूँ जो "अंत" में...

मेरी 'आत्मा का बोझ' भी "नहीं उठा" पाएगा! 

"भगवान" की 'अदालत' में "वकालत नहीं" होती... 

और यदि "सजा" हो जाये तो "जमानत नहीं" होती!

 

सब के दिलों का एहसास अलग होता है... 

इस दुनिया में सब का व्यवहार अलग होता है...

आँखें तो सब की एक जैसी ही होती है... 

पर सब का देखने का अंदाज़ अलग होता है!  

 

न संघर्ष न तकलीफें फिर क्या "मजा है जीने" में... 

तूफान भी "रूक" जाएगा जब "लक्ष्य" रहेगा "सीने" में... 

पसीने की "स्हायी" से लिखे "पन्ने" कभी 'कोरे' नहीं होते...

जो करते है 'मेहनत दर मेहनत' उनके "सपने" कभी "अधूरे" नहीं होते!

 

सोच "अच्छी" होनी चाहिए...

क्योंकि... 

"नज़र" का 'इलाज' "मुमकिन" है, पर "नज़रिए" का... 'नहीं'! 

 

"ज़माने" में आये हो तो "जीने का हुनर" भी रखना...

"दुश्मनों" से कोई "खतरा" नहीं बस "अपनो पे नजर" रखना!

 

हमारी खामोशी पर मत जाओ...

राख के नीचे अक्सर आग दबी होती है!

 

कुशल व्यवहार आपके जीवन का आईना है...

इसका आप जितना अधिक इस्तेमाल करेंगे..

आपकी चमक उतनी ही बढ़ जाएगी!

 

गलती करने के लिये... कोई भी समय सही नहीं...

और... 

गलती सुधारने के लियें... कोई भी समय बुरा नहीं!

 

भरोसा जीता जाता है ... मांगा नहीं जाता...

ये वो दौलत है ... 

जिसे कमाया जाता है ... खरीदा नहीं जाता!

 

तूफान में कश्तियाँ और...

अभिमान में हस्तियाँ डूब जाती हैं...

 

हाथ की लकीरें भी कितनी शातिर हैं...   

कमबख्त मुट्ठी में हैं लेकिन काबू में नहीं!  

 

घड़ी की फितरत भी अजीब है...

हमेशा टिक-टिक कहती है मगर...

ना खुद टिकती है और ना दूसरों को टिकने देती है!

 

केवल अहंकार ही ऐसी दौड़ है...

जहाँ हर जीतने वाला हार जाता है!

 

मेरे पीछे मत चलिये...

हो सकता है कि मै नेतृत्व ना कर सकूँ...

मेरे आगे मत चलिये...

हो सकता है मैं "अनुगमन" ना कर सकूँ...

बस मेरे साथ चलिए मेरे अपने बनकर...

ताकि "मैं" आपके साथ चल सकूँ!

 

जीवन में महत्वपूर्ण यह नहीं है कि हमारी "उम्र" क्या है...

बल्कि...

महत्वपूर्ण यह है कि हम "सोच" किस उम्र की रखते हैं!

 

क्रोध आपका ऐसा हुनर है...

जिसमें फँसते भी आप हैं उलझते भी आप हैं...

पछताते भी आप हैं और पिछड़ते भी आप हैं!

 

अच्छा है चुप रहना सीखो लेकिन सच भी कहना सीखो...

झूठ दूर तक कब चलता है...

कड़वा सच भी सहना सीखो!

हवा के संग बहता जाता है...

अपने पाँव पर रहना सीखो!

दिल पत्थर ही ना बन जाये...

आँसू बन कर बहना सीखो!

अगर मज़े से रहना है तो...

किसी के दिल में रहना सीखो!

झूठी शान में जीवन खोया...

अब जिल्लत में रहना सीखो!

हार जीत सब बेमानी है...

गिरकर उठकर चलना सीखो!

 

"हवस" और "हैवानियत" से ऊपर उठकर देखिये...

"औरत" से अच्छा "दोस्त" मिल जाये तो कहिये!

 

ऊँचा होने का गुमान और छोटा होने का मलाल गलत बात है...

क्योंकि... खेल खत्म होने के बाद हमेशा...

शतरंज के सभी मोहरे एक ही डिब्बे में रखे जाते हैं...

अगर... बनना ही है तो नेक दिल इंसान बनिये!

 

जिंदगी वहीं लौटना चाहती है...

जहां दुबारा जाना मुमकिन नहीं होता है...

बचपन, मासूमियत, पुराना घर और पुराने दोस्त! 

 

रोज स्टेट्स बदलने से ज़िन्दगी नहीं बदलेगी...

जिन्दगीं बदलने के लिये खुद का स्टेट्स होना जरुरी है!

 

दो प्यार के बोल भी क्या कमाल दिखाते हैं...

लगते हैं दिल पर और चेहरे खिल जाते हैं!

 

लफ्ज ही होते हैं इंसान का आइना... शक्ल का क्या... 

वो तो उम्र और हालात के साथ अक्सर बदल जाती है!

 

अधिक सुख के लालच में कभी कभी...

नये दु:ख का जन्म होता है!

 

सुबह एक छोटा सा सकारात्मक विचार...

आपके दिन के पूरे परिणाम को बदल सकता है!

 

मैं चलता गया रास्ते मिलते गये...

राह के काँटे फूल बनकर खिलते गये...

ये जादू नहीं आशीर्वाद है मेरे अपनों का...

वरना उसी राह पर लाखों फिसलते गये!

 

नजर और नसीब का कुछ ऐसा इतेफाक है कि... 

नजर को अक्सर वही चीज पसंद आती है...

जो नसीब में नही होती और...

नसीब में लिखी चीज अक्सर नजर नहीं आती है!

 

चेहरा सुंदर हो या न हो...

परंतु मुख से निकले शब्द जरूर सुंदर होने चाहिए...

क्योंकि लोग चेहरे भूल जाते हैं पर शब्दों को नहीं भूलते!

 

आईने का जीना भी लाजवाब है...

स्वागत सभी का है लेकिन संग्रह किसी का नहीं!

 

दुनिया खरीद लेगी हर मोड़ पर तुझे...

तूने जमीर बेचकर अच्छा नहीं किया!

 

समय और शब्द ...

दोनो का उपयोग लापरवाही के साथ न करें...

क्योंकि... ये दोनों दुबारा न आते हैं न मौका देते हैं!

 

हवाएं मौसम का रुख बदल देती हैं...

और दुआएं मुसीबत का!