Top 100 Suvichar in Hindi

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Top 100 Suvichar in Hindi

Top 100 Suvichar in Hindi

 

"खुद" पर 'काबू' पा लेना ही ...

"मनुष्य" की सबसे बड़ी "जीत" है!

 

Top 100 Suvichar in Hindi

 

'झूठी शान' के 'परिंदे' ही ज्यादा 'फड़फड़ाते' हैं...

'बाज़ की उडान' में कभी 'आवाज नहीं' होती! 

 

परिस्थितिया जब "विपरीत" होती है,

तब "प्रभाव और पैसा" नहीं...

"स्वभाव और सम्बंध" काम आते है! 

 

वाह रे... "इंसान" तरीका तेरा 'समझ में नहीं' आया ...

सब पाप...  "नहा" कर "गंगा" में धो आया ...

वहीं से "धोये पापों" का "पानी" भर लाया! 

 

Top 100 Suvichar in Hindi

 

'तकदीर के खेल' से 'नाराज नहीं' होते ...

जिंदगी में कभी 'उदास' नहीं होते ...

'हाथों की लकीरों' पे... यक़ीन मत करना ...

"तकदीर" तो उनकी भी होती हैं जिनके "हाथ" ही 'नहीं' होते!

 

अच्छा लगता है मुझे उन 'लोगों' को सुबह "याद" करना ...

जो मेरे 'सामने' न होते हुए भी ...

'दिल' के बहुत पास होने का "अहसास" दिलाते हैं! 

 

"बड़प्पन" वह गुण है जो 'पद' से नहीं ...

"संस्कारों" से प्राप्त होता है!

'परायों' को "अपना" बनाना उतना 'मुश्किल' नहीं!

जितना 'अपनों' को "अपना" बनाए रखना! 

 

 

दोस्त, किताब, रास्ता, और सोच ...

गलत हों तो 'गुमराह' कर देते हैं, और ...

'सही' हो तो 'जीवन बना' देतें हैं! 

 

फूंक मारकर हम 'दीया' को "बुझा" सकते है ...

पर "अगरबत्ती" को 'नहीं' क्योंकि ...

जो "महकता" है... उसे कौन "बुझा" सकता है... और

जो "जलता" है वह "खुद बुझ" जाता है!

 

'सच्चाई' के इस "जंग" में...  

कभी 'झूठे' भी "जीत" जाते हैं! 

अगर आपका "समय" अच्छा ना हो तो...  

कभी 'अपने' भी 'बिक' जाते हैं!

 

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'लिखी हुई बात' को हर एक 'पढ़ने वाला' ...

नहीं 'समझ' सकता, क्योंकि लिखने वाला ...

'भावनाएं' लिखता है और 'लोग' केवल "शब्द" पढ़ते हैं!

 

कितने भी दलदल हों ज़िन्दगी में पैर जमाये ही रखना,

चाहे हाथ खाली हो ज़िन्दगी में लेकिन ...

उसे उठाये ही रखना!

कौन कहता है... छलनी में पानी रुक नही सकता,

अपना हौसला 'बर्फ़ जमने' तक बनाये रखना! 

 

कड़वा सच !

"इंसान ही इंसान" का 'रास्ता' "काटता" है…

'बिल्लियाँ' तो बेचारी यूँ ही "बदनाम" हैं! 

 

Top 100 Suvichar in Hindi

 

'नसीब' वालो को मिलते है "फ़िक्र" करने वाले ...

'तलाश' सिर्फ "सुकून" की होती है,

नाम रिश्तें का चाहे कुछ भी हो!  

 

"हवा" को कह दो कि खुद को "आज़मा" के दिखाए ...

बहुत 'चिराग बुझाती' है कभी 'एक जला' के तो दिखाए!

 

"दुआएँ" मिल जाये आप सब की... 

बस यही काफी है...

"दवाएँ" तो 'कीमत अदा' करने पर ...

मिल ही जाती है! 

 

Top 100 Suvichar in Hindi

 

हर किसी को उतनी जगह दो ... दिल में...

जितनी वो आपको देता है...

वरना या तो खुद रोओगे या...

वो आपको रुलाएगा!

 

'जिंदगी' में अगर कोई 'अच्छा लगे' तो...

उसे सिर्फ चाहना ...

'प्यार मत' करना... क्योंकि

'प्यार ख़त्म' हो जाता है लेकिन...

'चाहत' कभी 'ख़त्म नहीं' होती! 

 

तारीख "गवाह" है...

जिन्हें "अखबारों" में बने रहने का "शोक" रहा है...

वक़्त... "बीतने" के साथ वो "रद्दी" के भाव 'बिक" गए!  

 

Top 100 Suvichar in Hindi

 

लोग 'अफ़सोस' से कहते है कि ...

कोई किसी का नहीं,

लेकिन कोई यह नहीं सोचता कि ...

हम किसके हुए 'परखो' तो कोई 'अपना' नही...

समझो तो कोई 'पराया' नहीं! 

 

किसी रिश्ते में "निखार" सिर्फ "अच्छे समय" में ...

हाथ मिलाने से नहीं आता, बल्कि ...

नाज़ुक समय में "हाथ थामने" से आता है! 

 

किसी ने 'गौतम बुद्ध' से पूछा ...

आप 'बड़े' हैं फिर भी 'नीचे बैठते' हैं ...

बहुत ही 'खूबसूरत जवाब' दिया ...

"नीचे बैठने वाला इंसान" कभी "गिरता" नहीं!  

 

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खुशियों के लिए क्यों किसी का इंतज़ार ...

हम ही तो हैं अपने जीवन के शिल्पकार ...

चलो आज मुश्किलों को हराते हैं ...

और दिन भर मुस्कुराते हैं!

 

किसी ने क्या खुब कहा है ... साहब

बहुत 'ज्यादा परखने' से,

बहुत 'अच्छे अच्छे रिश्ते' भी "टुट" जाते है! 

 

रिश्तें "मौके" के नहीं... "भरोसे" के 'मोहताज' होते है...

अगर "शहद" जैसा... 'मीठा परिणाम' चाहियें तो...

'मधुमक्खियों' की तरह "एक" रहना 'ज़रूरी' है!

 

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'विकल्प' बहुत मिलेंगे ...

मार्ग 'भटकाने' के लिए!

लेकिन ...

'संकल्प' एक ही काफ़ी है...

'लक्ष्य' तक जाने के लिए! 

 

"कश्तिया" 'बच' जातीं हैं... "तूफान" में...

पर ...

"हस्तियां" 'डूब' जातीं हैं... "अभिमान" में!

 

"प्रसन्नता" परमात्मा की दी हुई ...

"औषधि" है ...

इसे "व्यर्थ" 'ना' जाने दें!  

  

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"जिंदगी" की सच्चाई ...

लोग 'चाहते' हैं कि आप "बेहतर" करें ...

लेकिन ये भी "सत्य" है कि... 

वो 'कभी नहीं 'चाहते' कि...

आप उनसे "बेहतर" करें! 

 

बहुत दर्द होता है उस 'वक़्त' जब हम ...

किसी पर 'अंधे' की तरह 'विश्वास' करे!

और वो हमें महसूस करा दे कि ...

हम वाकई में 'अंधे' थे! 

 

संसार का सबसे "सुरक्षित बीमा" है...

"परमात्मा का भरोसा" ...

बस 'याद' रखें... 

'अच्छे कर्मों' की "किश्त" 'समय' से "भरते" रहें!

 

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अमूल्य संबंधों की तुलना कभी...

पैसों से मत कीजिये!

पैसे दो दिन काम आयेंगे...

जबकि संबंध जिंदगी भर काम आयेंगे।  

 

जिदंगी मे अच्छे लोगो की …

तलाश मत करो!

खुद अच्छे बन जाओ!

आपसे मिलकर शायद …

किसी की तालाश पूरी हो! 

 

ख़ुद "चिराग' बन के "जल" "वक़्त" के "अंधेरे" में...

"भीख" के 'उजालों" से "रोशनी" नहीं होती!   

 

Top 100 Suvichar in Hindi

 

जमीन अच्छी है खाद अच्छा हो …

परंतु ...

'पानी' अगर 'खारा' हो तो "फूल" खिलते नहीं!

भाव 'अच्छे' हो "कर्म" भी अच्छे हो ...

मगर 'वाणी' "खराब" हो तो … 

"सम्बन्ध" कभी 'टिकते' नहीं! 

 

"मन" ऐसा रखो कि किसी को "बुरा" न लगे...

"दिल" ऐसा रखो कि किसी को 'दुःखी' न करें...

"रिश्ता" ऐसा रखो कि उसका 'अंत' न हो! 

 

कुछ 'अच्छा' होने पर जो 'इंसान'...

सबसे पहले 'याद' आता है... 

वो 'जिंदगी' का सबसे 'कीमती इंसान' होता है!  

 

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ग़लती "नीम" की नहीं कि... वो "कड़वा" है …

खुदगर्जी "जीभ" की है…जिसे "मीठा" 'पसंद' है।  

 

नाराज न होना कभी … 

यह सोचकर कि काम मेरा और ...

नाम किसी का हो रहा है!

 

कोई भी 'व्यक्ति' हमारा "मित्र या शत्रु" …

बनकर 'संसार' में नही आता ...

हमारा "व्यवहार" और "शब्द" ही लोगों को …

"मित्र और शत्रु" बनाते हैं!

 

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दर्द कितना खुशनसीब है जिसे ...

पा कर लोग अपनों को याद करते है ...

दौलत कितनी बदनसीब है ...

जिसे पा कर लोग अक्सर ...

'अपनों को भूल' जाते है! 

 

'भरोसा' जितना 'कीमती' होता है ...

'धोखा' उतना ही 'महंगा' हो जाता है!

'फूल' कितना भी 'सुन्दर' हो ...

तारीफ 'खुशबू' से होती है!

'इंसान' कितना भी बड़ा हो ...

'पहचान उसके गुणों' से होता है!  

 

'घी' और 'रुई' सदियों से 'जलते' चले आ रहे हैं …

और लोग कहते हैं "दीया" 'जल' रहा है!

 

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हर वो "कामयाबी" हार है...

जिसका "मक़सद" किसी को 'नीचा' दिखाना हैl 

 

'बुरा' हमेशा वही बनता है...

जो 'अच्छा' बन कर 'टूट' चुका होता हैl 

 

ज़िन्दगी में अगर कोई सबसे ...

'सही रास्ता' दिखाने वाला "दोस्त" ...

है तो वो है... "अनुभव"! 

 

Top 100 Suvichar in Hindi

 

"स्वीकार" करने की 'हिम्मत' और ...

"सुधार" करने की 'नियत' हो तो ...

'इंसान अपनी भूल' से भी...

बहुत कुछ "सीख" सकता है! 

 

"फिक्र, ख्याल, इज्जत" देने वाले ...

'नसीब' से मिलते है!

इनकी 'कदर' कीजिये! 

 

दुनिया में 'अनगिनत' तरह के खेल खेले जाते हैं!

पर 'भावनाओं से खेलना' लोगों का ...

सबसे 'पसंदीदा खेल' है! 

 

Top 100 Suvichar in Hindi

 

अहम... जिनमें कम होते हैं...

अहमियत... उनकी ज्यादा होती है! 

 

मुझे वो 'दोस्त पसंद' है जो 'महफिल' में मेरी 'गलतिया छुपाये' ...

और 'तन्हाई' में मुझे मेरी गलतियां' बताये!  

 

'दुआएँ' मिल जाये आप सबकी 'बस' यही काफी है...

'दवाएँ' तो 'कीमत' अदा करने पर 'मिल' ही जाती है!  

 

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'रिश्तों का क्षेत्रफल' भी कितना 'अजीब' है...

लोग 'लंबाई-चौड़ाई तो नापते' हैं...

लेकिन 'गहराई' कोई नही देखता!

 

'अहतियात बहुत ज़रूरी' है...

चाहे 'सड़क पार' कर रहें हों या 'हद'!   

 

"इज्जत" एक 'महंगी' चीज है...  

इसकी "उम्मीद" 'सस्ते लोगों' से ना रखें!

 

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'मकड़ी' जैसे 'मत उलझो' 'गम के ताने-बाने' में...

'तितली' जैसे 'रंग' बिखेरो 'हँसकर' इस 'ज़माने' में!

 

दुनिया की सारी उलझनें खत्म... हो सकती हैं ...

अगर 'बेईमान खामोश' रहे और 'ईमानदार' 'बयां' करें!  

 

यदि हमें 'अपना परिचय' "खुद" देना पड़े तो...

समझ लीजिए 'सफलता' अभी "दूर" है! 

 

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अगर आपकी 'नियत' अच्छी होगी ...

तो 'नसीब कभी बुरा' नहीं होता है मेरे दोस्तों!   

 

"सवाल" करने वाले तो 'बहुत मिलते' है अहम... 

जिनमें "कम" होते हैं 'अहमियत'... उनकी "ज्यादा" होती है!

 

"स्वीकार" करने की 'हिम्मत और ...

"सुधार" करने की 'नीयत' हो तो...

'इंसान' अपनी "भूल" से भी... 

बहुत कुछ "सीख" सकता है! 

 

Top 100 Suvichar in Hindi

 

अगर 'जिन्दगी मुश्किल' है तो थोड़ा 'आसान' कर लो...

कुछ ख्वाहिशें 'भूल' जाओ कुछ का "इंतजार" कर लो!

 

"जीवन" में जब भी हम 'खराब दौर' से गुजरते हैं,

तब 'मन' में यह "विचार" अवश्य आता है कि...

"परमात्मा" मेरी 'परेशानी' देखता क्यों नहीं है!

मेरे "दुःख" कम क्यों नहीं करता... पर याद रखिए...

जब "परीक्षा" चल रही होती है तब 'शिक्षक' मौन रहते हैं! 

 

जहाँ दोस्ती में 'दिमाग चलने' लग जाये...

तो उसे "ख़त्म" कर लेना ही 'बेहतर' है!

 

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"वक़्त" बदलता है "ज़िन्दगी" के साथ...

"ज़िन्दगी" बदलती है 'वक़्त' के साथ...

"वक़्त" नहीं बदलता 'अपनों' के साथ...

बस "अपने" बदलते हैं 'वक़्त' के साथ!

 

'ठोकर' इसलिए नही लगती कि 'इंसान' गिर जाए ठोकर ...

इसलिए लगती है कि 'इंसान संभल' जाये! 

 

'कोहरे' से एक अच्छी...

बात 'सीखने' को मिलती...

कि जब "ज़िन्दगी" में कोई 'रास्ता' न दिखाई दे रहा हो तो...

'बहुत दूर' तक देखने की "कोशिश" 'बेकार' है! 

धीर- धीरे "एक-एक" कदम चलो "रास्ता" 'खुलता' जायेगा! 

 

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"श्रेय" मिले या ना मिले... 

'अपना श्रेष्ठ' देना कभी 'बंद' न करें... 

"आशा" चाहे कितनी भी 'कम' हो... 

किन्तु 'निराशा' से "बेहतर" होती है!

 

किसी को 'खुश रखने' का 'मौका' मिले तो 'छोड़िये मत' ...

'फरिश्ते' होते हैं वो लोग ...

जो दूसरों की 'खुशी का ख्याल' रखते हैं! 

 

जब 'कदम' "थक" जाते हैं... 

तब "हौसला" साथ देते हैं... 

और जब सब "मुँह" मोड़ लेते हैं... 

तो "खुदा" साथ देते हैं!

 

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मिलता तो 'बहुत कुछ' है इस "ज़िन्दगी" में ...

बस हम "गिनती" उसी की करते है ...

जो "हासिल" 'ना' हो सका!  

 

हजारों 'मिठाइयाँ' चखी है ज़माने में...

'ख़ुशी के आंसू' से 'मीठा' कुछ भी नहीं है!

 

जब हम रिश्तों के लिए "वक़्त" नहीं 'निकाल' पाते...

तो 'वक़्त' हमारे बीच से 'रिश्ता' "निकाल" देता है!  

 

Top 100 Suvichar in Hindi

 

'शब्द' के भी कोष में मिलता नहीं 'अर्थ' है ...

'इंसान' को समझने में 'इंसान' ही 'असमर्थ' है!

 

'किस्मत' 'सखी' नहीं फिर भी 'रुठ' जाती है ...

'बुद्वि' 'लोहा' नहीं फिर भी 'जंग' लग जाती है ...

'आत्म सम्मान' शरीर नहीं, फिर भी घायल हो जाता है ...

और... 'इंसान मौसम' नही, फिर भी 'बदल' जाता है!

 

डाली से 'गिरते हुए पत्तों' ने क्या 'खूब कहा' कि अगर...

'बोझ बन' जाओगे तो 'अपने' ही तुम्हे 'गिरा' देंगें!  

 

Top 100 Suvichar in Hindi

 

जिंदगी में कुछ 'अरमान' ओस की तरह होते है...

जिन्हें 'छूने' की चाहत में 'हथेलियाँ तो भीग' जाती है...

मगर 'हाथ' हमेशा 'खाली' रह जाते है!

 

जो 'मजिंलो' को पाने की 'चाहत' रखते वो ... 

समंदरो पर भी 'पत्थरों के पुल' बना देते है! 

 

कड़वा सच! ...

आज का इंसान 'वचन' देते वक़्त तो बड़ा "अमीर" है...

लेकिन 'वचन' का 'पालन' करते वक़्त "फ़क़ीर" बन जाता हैं!  

 

Top 100 Suvichar in Hindi

 

'दरिया' ने "झरने" से पूछा... 

तुझे "समन्दर" नहीं बनना है क्या? 

'झरने' ने बड़ी 'नम्रता' से कहा... 

बड़ा बनकर "खारा" हो जाने से अच्छा है... 

'छोटा' रह कर "मीठा" ही रहूँ!