Top 100 Shero Shayari Hindi

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Top 100 Shero Shayari Hindi

Top 100 Shero Shayari Hindi

 

वाह वाह कर दो_ साहब... 

मैंने "मौत" का "नाम" 'बदल' के...

"इश्क" रख दिया है! 

 

Top 100 Shero Shayari Hindi

 

एक नज़र... 

देख के सौ नुक्स निकाले मुझमें... 

फिर भी मैं ख़ुश हूँ कि मुझे गौर से देखा तो उसने! 

 

"मोहब्बत" अगर 'भीख' होती... तो "खुदा" कसम...

तुम्हारे 'दर' पर... "झुक" जाते हम!

 

परेशानियां तो बहुत है क्या क्या "दूर" करोगे... 

कुछ "वक्त" पर डाल दिया करो कितना भी समेट लो... 

हाथों से "फिसलता" ज़रूर है!

ये वक्त है साहब... "बदलता" ज़रूर है! 

 

Shero Shayari Hindi

 

कभी 'दो लाइन' की "शायरी" तुम भी 'लिख' दिया करो जनाब...

हमें "लिखना" ही नहीं "पढ़ना" भी 'खूब' आता है!

 

अगर "जख्म" 'भर' ना पाओ किसी का... 

तो इतना जरुर करना कि उसे "छूना" भी 'मत'!  

 

दूर तो 'बहूत' हो 'आप' मूझसे...

लेकिन यह भी 'सच' है... 

आपसे 'नजदीक' कोई मेरा नहीं!

 

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"खुशियां" आये 'जिंदगी' में तो... 

चख लेना "मिठाई" समझ कर...

जब "गम" आये तो वो भी...

कभी 'खा' लेना "दवाई" समझ करl 

 

कुछ 'हंस' कर "बोल" दिया करो... 

कुछ 'हंस' कर "टाल" दिया करो!

 

उम्र भर की तरह 'क़ैद' होते हैं कुछ 'रिश्ते' जहाँ...

ज़मानत देकर भी 'रिहाई' "मुमकिन" नहीं हैं!

 

Shero Shayari Hindi

 

ना ढूंढ "मोहब्बत" बाजारों में ये कही "बिकती" नहीं... 

ये रहती है "दिलों" में पर "बेकदरों" को ये दिखती नहीं!

 

"साफ दामन" का दौर तो कब का 'खत्म' हुआ साहब... 

अब तो लोग अपने 'धब्बों' पर "गुरूर" करने लगे हैं! 

 

भीड़ में 'खड़ा होना मकसद' नहीं है मेरा बल्कि ...

भीड़ जिसके लिए 'खड़ी' है वो 'बनना' है मुझे!  

 

Top 100 Shero Shayari in Hindi

 

जो मेरे शहर में 'तेरा दर' हो तो मेरी 'फकीरी' ही क्या है...

दुनिया मिल जाए 'तू न मिले' तो मेरी 'अमीरी' ही क्या है! 

 

खूबियां इतनी तो नही की किसी का "दिल" 'जीत' सके...

लेकिन... 

कुछ पल ऐसे जरूर 'छोड़' जाएंगे कि "भूलना" भी 'आसान' ना होगा! 

 

तैरना तो आता था हमे 'मोहब्बत' के 'समंदर' में लेकिन...

जब किसी ने 'हाथ' ही नहीं पकड़ा तो 'डुब' जाना 'अच्छा' लगा!

 

Shero Shayari Hindi

 

सारी दुनिया 'भुला' के "रूह" को मेरे 'संग' कर दो...

मेरे "धागे" से 'बंध जाओ "खुद" को 'पतंग' कर दो!

 

 

 

ऐ ज़िन्दगी मुझे कुछ "मुस्कुराहटें" 'उधार' दे दे ... 

'अपने' आ रहे हैं "मिलने" की 'रस्म निभानी' है! 

 

Top 100 Shero Shayari Hindi

 

सभी 'तूफान' आपके "जीवन" को अस्त-व्यस्त करने नहीं आते...

कुछ आपके मंज़िलों के "रास्ते" 'साफ' करने भी आते हैं!

 

दुनिया तो टूटते हुए 'तारे' से भी "दुआ" माँगती है... 

कौन कहता है 'बर्बादी' किसी के "काम" नहीं आती! 

 

मेरे "दर्द" की वह 'दवा' ढूंढने चला है ...

कितना "मासूम" है 'अपना' ही 'पता ढूंढने' चला है! 

 

Shero Shayari Hindi

 

कहीं पर "गम" कहीं सरगम ये "कुदरत" के ही तो नज़ारे हैं...

"प्यासे" तो 'वो' भी रह जाते हैं घर जिनके "दरिया" किनारे हैं!

 

तेरे ही "किस्से" तेरी ही 'कहानियाँ' मिलेगी मुझ में...

न जाने किस किस 'अदा' से तू "आबाद" है मुझ में! 

 

अलग अलग यूँ ही "सुलग" रहे हैं "दोनों"...

आओ ना... आज मिलकर "जल" जाएँ!  

 

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अपने ही 'अपनों' से करते हैैं 'अपनेपन' की "अभिलाषा"... 

पर 'अपनों' ने ही "बदल" रखी है 'अपनेपन' की "परिभाषा"!

 

मुस्कुराहट एक 'कमाल' की “पहेली” है ...

जितना 'बताती' है उससे कहीं 'ज्यादा छुपाती' है!

 

काश की 'खुशियों की दुकान' होती ...

उनमे "हमारी" थोड़ी 'पहचान' होती ...

सारी 'खुशियाँ' डाल देता 'तेरी' "दामन" मे चाहे ...

उनकी 'कीमत' "हमारी जान" क्यो न होती!

 

Shero Shayari Hindi

 

"वक़्त" के दायरे से हम "गुज़र" न जाये...

अरमानो के सिलसिले कही "बिखर" न जाये...

इसलिए 'आपको' बेवक़्त "याद" करते है...

कही 'आपके' "दिल" से 'हम निकल' न जायेl 

 

दुनिया में 'यादें' बड़ी "खास" होती है...

जो 'दूर' हो उनके "दिल के पास" होती है...

"याद" करने के लिए वजह 'जरुरी' नहीं...

यादें तो 'रिश्तों' के बीच का "एहसास" होती है!

 

जब "दो दिल" की 'मुलाकात' होती है...

तो "प्यार" की 'शुरुआत' होती है...

लेकिन जब "शादी" होती है...

तो सच्चे 'प्यार' की "पहचान" होती है! 

 

Shero Shayari Hindi

 

"पलकों' में कैद ... कुछ 'सपने' हैं...

कुछ "बेगाने" औऱ ... कुछ 'अपने' हैं!

 

न जाने क्या 'कशिश' है उनके "ख्यालों" में...

जो लोग 'दूर' हो के भी "मेरे अपने" हैं! 

 

ये तो 'अच्छा' है की सिर्फ़ "सुनता" है ये 'दिल'... 

अगर ये 'बोलता' तो "क़यामत" होती! 

 

Shero Shayari Hindi

 

वो "अफ़साना" जिसे 'अंजाम' तक लाना न हो 'मुमकिन'...

उसे इक "ख़ूबसूरत" 'मोड़' दे कर "छोड़ना" अच्छा!

 

"इश्क" से 'नशीला' कोई "नशा" नहीं है जनाब...

घूँट-घूँट 'पीते' हैं और कतरा-कतरा "मरते" हैं! 

 

कर लेता हूँ 'बर्दाश्त हर दर्द' इसी आस के साथ कि ...

'खुदा नूर' भी बरसाता है... 'आज़माइशों' के बाद!

 

Shero Shayari in Hindi

 

अभी तो साथ "चलना" है 'समंदरों की लहरों' में...

"किनारे" पर ही देखेंगे... 'किनारा' कौन करता है!

 

कैसे कह दूं कि 'थक' गया हूं मैं...

न जाने किस किस का "हौसला" हूं मैं! 

 

"दिल" की बात कहूँ तो "बुरा" तो नहीं 'मानोगे'...

बड़ी ":राहत" के 'दिन' थे "तेरी पहचान" से पहले! 

 

Top 100 Shero Shayari in Hindi

 

कब की "पत्थर" हो चुकी थीं 'मुंतज़िर आँखें'...

मगर 'छू' के जब देखा तो मेरे हाथ "गीले" हो गए!

 

"इंसान" अगर 'प्यार' में पड़े तो 'ग़म' में पड़ ही जाता है... 

क्योंकि 'प्यार' किसी को चाहे जितना भी करो... 

थोड़ा सा तो 'कम' पड़ ही जाता है! 

 

वो बात ही कुछ 'अजीब' थी ...

वो हमसे "रूठ" गयी ... 

जो "दिल" के सबसे 'करीब' थी...

उसने 'तोड़' दिया "दिल" हमारा और  ...

लोग कहते है वो 'लड़की' बहुत "सरीफ" थी! 

 

Shero Shayari in Hindi

 

तुम "रास्ता" ही 'छोड़' गये...

जिस रास्ते पे "हम" साथ 'चले' थेl 

 

तेरे आने की "उम्मीद" आज भी "दिल" में जिंदा है...

इस कदर "इंतजार" किया है तेरा कि "वक्त" भी शर्मिंदा है! 

 

'शीशा' और 'पत्थर' संग संग रहे तो बात नही "घबराने" की...

'शर्त' इतनी है कि बस दोनों 'ज़िद' ना करे "टकराने" की!

 

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नफरत करके क्यो "बढ़ाते" हो 'अहमियत' किसी की...

माफ करके "शर्मिंदा" करने का तरीका भी तो कुछ 'बुरा' नही! 

 

अभी कुछ 'दूरियां' तो कुछ फांसले बाकी हैं...

पल-पल सिमटती 'शाम' से कुछ 'रौशनी' बाकी है...

हमें यकीन है कि कुछ 'ढूंढ़ता' हुआ वो 'आयेगा' ज़रूर...

अभी वो 'हौंसले' और वो 'उम्मीदें' बाकी हैं!

 

"मोहब्बत" का 'कानून' अलग है...

इसकी अदालत में "वफादार" 'सजा' पाते हैं! 

 

Shero Shayari Hindi

 

"जालिम दुनिया" में जरा "संभल" कर रहना 'मेरे यार'...

यहाँ 'पलकों' पे "बिठाया" जाता हैं 'नजरों' से 'गिराने' के लिए!

 

न 'महफ़िल' अजीब है न मंजर 'अजीब' है..

उसने जो चलाया था वो "खंजर" 'अजीब' है...

न 'डूबने' देता है न 'उबरने' देता है..

उसकी 'आँखों' का वो "समंदर" 'अजीब' है! 

 

ख़ुद "तराशना" 'पत्थर' और "ख़ुदा" बना लेना...

"आदमी" को आता है "क्या से क्या" बना लेना! 

 

Shero Shayari in Hindi

 

गिरते हुऐ "अश्क" की... "कीमत"... "न" पूछना ...

"इश्क़" के हर बूंद में..."लाखों"... "सवाल" होते हैं! 

 

तेरी 'आवाज़' तेरे "रूप" की 'पहचान' है...

तेरे 'दिल की धड़कन' में "दिल की जान" है...

ना सुनूं जिस दिन तेरी बातें...

लगता है उस रोज़ ये 'जिस्म' "बेजान" है! 

 

तरसती "जिंदगी" के तरसते कुछ 'अफ़साने' हैं...

"दर्द" मिला इतना की अब हम तो "दर्द" के भी 'दीवाने' हैं!  

 

Shero Shayari Hindi

 

मुझे 'मालूम' था कि...

वो 'रास्ते' कभी 'मेरी मंजिल' तक नहीं जाते थे...

फिर भी मैं 'चलता' रहा क्योंकि... 

उस 'राह' में कुछ "अपनों के घर" भी आते थे! 

 

'दुआओं' का 'काफ़िला' चलता है मेरे साथ... 

'मुक़द्दर'से कह दो 'अकेला' नहीं हूँ मैं!

 

ये "शायराना" अंदाज है जनाब यहाँ...

'आग' "माचिस" से नही... 'शायरियों' से लगती है!

 

Shero Shayari in Hindi

 

कोई मुझसे 'पूछ' बैठा 'बदलना' किसे कहते हैं?

सोच में पड़ गया हूँ 'मिसाल' किसकी दूँ?

"मौसम" की या "अपनों" की!

 

कदम-कदम पे 'नया इम्तहान' रखती है... 

जिंदगी 'तू' भी मेरा कितना 'ध्यान' रखती है!  

 

जो "दिल के आईने" में हो वही है "प्यार" के काबिल...

वरना "दीवार" के काबिल तो हर "तस्वीर" होती है!

 

Top 100 Shero Shayari Hindi

 

कुछ लोगों की "किस्मत" कितनी 'अच्छी' होती है ना... 

जिन्हें "इश्क" करते है वो ही 'शख्स' उनको 'मिल' जाता हैं! 

 

ख्वाहिशें मेरी “अधुरी” ही 'सही' पर... 

कोशिश मै “पूरी” करता हुँ! 

 

खुश नसीब होते हैं 'बादल'...

जो 'दूर' रहकर भी "ज़मीन" पर 'बरसते' हैं...

और एक "बदनसीब" 'हम' हैं...

जो "एक ही दुनिया" में रहकर भी 'मिलने को तरसते' हैं! 

 

Shero Shayari in Hindi

 

"प्यार" में कोई तो "दिल" 'तोड़' देता है... 

"दोस्ती" में कोई तो 'भरोसा तोड़' देता है... 

जिंदगी 'जीना' तो कोइ "गुलाब" से सीखे... 

जो 'खुद टुट' कर 'दो' "दिलों" को जोड देता है! 

 

खुबसूरत 'इशारों' में वो 'हम' पर अपना 'हक जता' देते हैं...

वो 'मेरे' नहीं होते... पर हमे "अपना" 'बता' देते हैं! 

 

कितना 'वाकिफ' थी "वो" मेरी 'कमजोरी' से...

वो 'रो' देती थी... और मैं "हार" जाता था! 

 

Top 100 Shero Shayari Hindi

 

'बचपन' में जहां 'चाहा' "हंस" लेते थे जहां चाहा "रो" लेते थे...

पर अब "मुस्कान" को 'तमीज़' चाहिए और...

'आंसूओं' को 'तन्हाई' चाहिए!

 

लड़की कभी 'झूठी' "मोहब्बत" नहीं करती है... 

क्योंकि उसमें 'जिस्म' की "हवस" नहीं होती है! 

 

कैसे करेगी "दवा" असर अब हकीमो की...

जब सारी 'तकलीफों' का "इलाज तुम" हो! 

 

Shero Shayari Hindi

 

"ज़िन्दगी" 'तस्वीर' भी है और 'तकदीर' भी...

फर्क तो 'सिर्फ' "रंगो" का है...

"मनचाहे" 'रंगो' से बने तो 'तस्वीर' और...

"अनजाने" 'रंगो' से बने तो 'तकदीर'!

 

"इश्क़" का 'लुत्फ' तो देखिये...

कोई "मर" रहा है 'किसी' पर 'मरने' के लिए! 

 

Shero Shayari Hindi

 

शायद इसीलिए 'शायरी' इतनी 'ख़ूबसूरत' होती है ...

कभी 'सच छुपा' लेती है... तो कभी 'शख़्स'! 

 

एहसास 'सच्चे' हो वही काफी है ... 

यकीन तो लोग 'सच' पर भी नहीं करते! 

 

साँसे है... धड़कनें भी है... 

बस 'दिल" तुम्हे 'दे' बैठा हूँ...

अजीब से 'दोराहे' पर हूँ...

जिन्दा हूँ, पर 'तुम' पर "मर" बैठा हूँ! 

 

Best Shero Shayari Hindi

 

दूरियों की ना 'परवाह' कीजिये ...

दिल जब भी 'पुकारे बुला' लीजिये ...

कहीं दूर नहीं हैं हम 'आपसे' बस ...

अपनी 'पलकों को आँखों' से मिला लीजिये!

 

इंसान की 'फितरत' को पहचानते हैं 'परिंदे' ...

जितने भी प्यार से बुलाओ 'पास' नहीं आते!

 

बहुत 'संभाल' के रखा था मैंने "खुद" को कहीं...

और अब 'मसला' ये है कि कहीं "मिल" नहीं रहा हूँ! 

 

Top 100 Shero Shayari Hindi

 

ख़ुद को "खर्च" कर दिया तेरे 'खाली इश्क' में ...

तू बता कि 'ज़िन्दगी' को अब क्या "जवाब" दूँ!

 

"मुश्किलें" 'दिल' के इरादे "आजमाती" है...

"स्वप्न" के परदे 'निगाहों' से हटाती हैं...

"हौसला" मत "हार" 'गिर' कर ओ मुसाफिर...

"ठोकरें इन्सान" को 'चलना' सिखाती हैं! 

 

चेहरे पर 'हंसी' छा जाती है ...

आँखों में 'सुरूर' आ जाता है ....

जब तुम मुझे 'अपना' कहते हो ...

अपने पर 'गुरुर' आ जाता है!

 

Shero Shayari in Hindi

 

ख़िलाफ़ हो गये हैं 'बागबान' के "फूल" सारे ...

जबसे "समझने" लगे हैं वो 'आँखों के इशारे'!

 

मैंने इस 'बहाने' रखी नहीं "दिल" में उम्मीदें ...

कि कौन 'जंगल' में उगे पेडों को "पानी" देगा!

 

कभी तुम मुझे "अपना" तो कभी "गैर" कहते गये ...

देखो "मेरी नादानी", हम सिर्फ तुम्हे "अपना" कहते गये!

 

काश वो भी आकर "हमसे" कह दे 'मैं भी तन्हाँ' हूँ...

तेरे बिन, तेरी तरह, तेरी 'कसम', तेरे लिए!

 

सादे 'लफ़्ज़' कहाँ इतना असर करते हैं...

ये 'शायर' कोई "नशा" तो ज़रूर करते हैं!

 

मर्द कहते है कि "अकेली" औरत 'महफूज़' नहीं होती...

लेकिन 'ये' नहीं "कहता" किसकी 'वजह' से!

 

कहती है मुझे "ज़िन्दगी" कि ...

मैं "आदतें" 'बदल' लूँ!

बहुत चला मैं 'लोगों के पीछे' ...

अब थोड़ा 'खुद' के साथ चल लूँ! 

 

'शरारतें' करने का "मन" अभी भी करता है... 

पता नहीं 'बचपना' "जिंदा" है या "इश्क" 'अधुरा' है! 

 

सिर्फ "शायरी" 'पढने' का "रिश्ता" ना रखो... 

कभी "खैरियत" भी तो 'पूछ' कर देखो! 

 

'प्यास' क्या होती है "समझता" हूँ मैं ...

मैंने भी दिन 'गुज़ारे' है "समंदर" के साथ! 

 

होने दो 'तमाशा'... मेरी भी "ज़िन्दगी" का...

मैंने भी "मेले" में बहुत 'तालियाँ' बजाई हैं! 

 

कुछ 'पन्नो' पर "सजावट' तुम्हारी होती है...

कुछ 'दिलों' पर 'प्रेम की लिखावट" तुम्हारी होती है!

कही 'खो' ना जाये किसी का याराना...

किसी की 'मुस्कान" कभी तुम्हारी होती है!

 

सोचा था "तड़पायेंगे' हम उन्हें...

किसी और का "नाम" लेके "जलायेगें" उन्हें...

फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके 'दर्द' "मुझको" ही होगा...

तो फिर भला किस तरह 'सतायें' हम उन्हें!

 

ज़िंदगी में बार बार "सहारा" नही मिलता...

बार बार कोई "प्यार से प्यारा" नही मिलता...

है जो पास उसे "संभाल" के रखना...

खो कर "वो" फिर कभी "दुबारा" नही मिलता! 

 

माना कि 'अनमोल' हैं, "हसरत - ए - नायाब" हैं आप...

हम भी वो 'लोग' हैं जो हर "दहलीज़" पर नहीं मिलते! 

 

"बेगुनाह" कोई नहीं है सबके "राज़" होते हैं... 

किसी के "छुप" जाते हैं, तो किसी के "छप" जाते हैं!

 

किसी ने 'टूटे सपने बिखरती शाम भेजा है...

किसी ने आसुओं का 'छलकता' "जाम" भेजा है...

मेरी "शाम को रंगीन" करने तो आ जाओ...

किसी ने 'आँसुओं' के साथ 'पैगाम' भेजा है! 

 

तुम एक ‪'महंगे'‬ ‪‎खिलोने‬ हो और मै एक" ‪गरीब‬ का ‪बच्चा‬"... 

मेरी ‪हसरत‬ ही रहेगी "तुम्हे" अपना "बनाने" की!

 

मैं "जीत" सकता था पर "मात" ले आया... 

वह कमबख़्त "मुहब्बत" पे "बात" ले आया! 

 

बे मतलब होती है "बचपन की मोहब्बत" ना 'जिस्मों' की चाहत... 

ना "दौलत का लालच" बस एक-दूसरे के साथ की "चाहत"!