Top 100 Cool Whatsapp Status

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Top 100 Cool Whatsapp Status

Top 100 Cool Whatsapp Status 

 

निगाह ए इश्क़ का अजीब ही शौक देखा... 

तुम ही को देखा और बेपनाह देखा!

 

मैंने पूछा कैसे जान जाते हो मेरे दिल की बातें... 

वो बोली जब रूह में बसे हो फिर ये सवाल क्यूँ! 

 

तेरे कानो में एक बात कहूं... 

आज मुजे तुम्से फ़िर से प्यार हो गया! 

 

तेरे इश्क का कैदी बनने का अलग ही मज़ा है... 

छूटने को दिल नहीं करता और उलझने में मज़ा आता है! 

 

एक बेक़रारी सी है इन हवाओं में...

लगे यूँ कि जैसे तू मौजूद हैं इन फिज़ाओं में! 

 

मैं दिखूँ न दिखूँ... बस मुझे... 

अहसासों में महसूस करना...

मैं लिखूँ न लिखूँ... बस मुझे... 

शब्दों में ही पढ़ लेना! 

 

जो फ़ना हो जाऊं तेरी चाहत में तो ग़ुरूर ना करना... 

ये असर नहीं तेरे इश्क़ का मेरी दीवानगी का हुनर है! 

 

नज़र उतार लूँ या नज़र में उतार लूँ... 

तुम आ जाओगे यूँ ही या फिर से तुम्हे पुकार लूँ! 

 

खुशी कहां हम तो ग़म चाहते हैं... 

खुशी दो उन्हें जिन्हें हम चाहते हैं! 

 

बिना मिले बिना जाने... 

तुमसे मोहब्बत हो गयी... 

देख लो कितना सच्चा है मेरा प्यार! 

 

तेरे इश्क का कैदी बनने का अलग ही मज़ा है... 

छूटने को दिल नहीं करता और... 

उलझने में मज़ा आता है! 

 

तेरी नज़र का झुकना कुछ यूँ भा गया दिल को... 

मोहब्बत तो थी ही तुझसे... 

अब तो आशिक बना दिया मुझको!

 

प्यार जो करता है उसका दिल भी अजीब होता है... 

यार जैसा भी हो खुदा से भी अजीज होता है!

 

तुम प्यार की बातें न किया करो हमसे... 

मासूम हैं हम बातों से बहक जाते हैं! 

 

कौन कहता है कि आपकी तस्वीर बात नहीं करती... 

हर सवाल का जवाब देती है बस आवाज़ नहीं करती! 

 

जीने की उसने हमे नई अदा दी है... 

खुश रहने की उसने दुआ दी है... 

ऐ खुदा उसको खुशियाँ तमाम देना... 

जिसने अपने दिल मे हमें जगह दी है! 

 

गुज़रे इश्क़ की गलियों से और समझदार हो गए...

कुछ ग़ालिब बने यहाँ, तो कुछ गुलज़ार हो गए! 

 

ज़िन्दगी तो हमारी भी शानदार थी... 

मगर मोहब्बत ने बीच में शरारत कर दी! 

 

तूने कैसे सोच लिया तेरे बिना मेरी ज़िन्दगी बीत जाएगी... 

जानेमन तेरे नाम के बिना तो मेरे फोन का लॉक भी नहीं खुलता!

 

इश्क वो नहीं जो तुझे मेरा कर दे... 

इश्क वो है जो तुझे किसी और का ना होने दे! 

 

मुझे खबर नहीं कि तुम्हारी जिन्दगी में... 

वो कौन सा पल है जो सिर्फ मेरे लिए हो... 

पर मेरी जिन्दगी का हर इक पल... 

सिर्फ तुम्हारे लिए है! 

 

बाँहो में मुझे तुम बेतहाशा घेरे हो... 

कल की फिकर है किसको तुम अभी सिर्फ मेरे हो! 

 

गुनाहे इश्क़ में इक वो दौर भी बहुत खास रहा...

जब मेरी ना होकर भी तू मेरे बहुत पास रही! 

 

एक दुजे से मोहब्बत ऐसी हो गयी है... 

दिल तो दो है पर धडकन एक हो गयी है! 

 

धड़कते रहेंगे तुम्हारे दिल की गहराइयों में दिन रात हम... 

जो कभी खत्म न हो वो अहसास हैं हम! 

 

जवानी आज जवानी से टकरा गई... 

हमने बोला... Sorry वो पगली शरमा गई! 

 

मैंने सब कुछ पाया है बस तुझको पाना बाकी है... 

कुछ कमी नहीं जिंदगी में बस तेरा आना बाकी है! 

 

दिल तो मेरा लोहे जैसा था... 

पर मुझे क्या पता था... 

तूम चुम्बक बनकर चिपक जवोगी! 

 

खूबसूरती न सूरत में होती है न लिबास में... 

बस निगाहें जिसे चाहे उसे हसीन कर दे! 

 

सच्ची है मेरी दोस्ती आजमा के देखलो... 

करके यकीं मुझ पे मेरे पास आके देखलो... 

बदलता नहीं कभी सोना अपना रंग... 

जितनी बार दिल करे आग लगा कर देखलो! 

 

दिल से खेलने की फितरत खुदा ने भी क्या खूब रखी... 

इश्क़ को रूह तक रखा...

मोहब्बत को आँखें नहीं बख्शी! 

 

दिवाना हर शख़्स को बना देता है इश्क़... 

सैर जन्नत की करा देता है इश्क़... 

मरीज हो अगर दिल के तो कर लो इश्क़... 

क्योंकि धड़कना दिलों को सिखा देता है इश्क़! 

 

तुमसे बात न हो तो पल पल याद करते है हम... 

तुम्हारी कसम तुम्हे बहुत प्यार करते है हम! 

 

तुम रखा करो कोशिश यूँ ही "गुलाब" सा खिलने की... 

इस "दिल" में रहेगी ख़्वाहिश तुमसे बार-बार मिलने की! 

 

तेरा साथ है कितना प्यारा कम लगता है जीवन सारा... 

तेरे मिलन की लगन से हमें आना पड़ेगा दुनिया में दोबारा! 

 

नयन जुबां बन गए तुम्हारे लिए और... 

तुम्हे शिकवा है अल्फाज नही मिले! 

 

कहने को तो तुम्हारी हँसी दिल चुराती है... 

लेकिन आँखें तो ऐसी हैं कि धडकन ही चुरा लेती है!

 

प्यास दरिया की निगाहों से छुपा रखी है...

एक बादल से बड़ी आस लगा रखी है... 

तेरी आँखों की कशिश कैसे तुझे समझाऊँ... 

इन चिरागों ने मेरी नींद उड़ा रखी है!

 

कुछ लोग दिल के इतने खुबसुरत होते है... 

कि चाहे वो ना मिले... 

पर उम्र भर उन्हे चाहने को दिल करता है! 

 

मेरे दिल मे ज्यादा देर तक रुकता नहीं कोई... 

लोग कहते है मेरे दिल मे साया है तेरा! 

 

मौसमें मिज़ाज़ गुलज़ार कर गये... 

और वो मुस्कराकर कर्ज़दार" कर गये! 

 

लिख भी दो अब दो शब्द प्यार के तुम मेरे लिये... 

कह दो मेरे हो तुम अब जिंदगी भर के लिये! 

 

मेरा ठिकाना तुम्हारी आंखे है... 

मेरी मंज़िल तुम्हारा दिल है! 

 

तेरे इश्क का कैदी बनने का अलग ही मज़ा है... 

छूटने को दिल नहीं करता... 

और उलझने में मज़ा आता है! 

 

तेरे इश्क से ही मिली है मेरे वजूद को ये शोहरत... 

मेरा जिक्र ही कहाँ था तेरी दास्ताँ से पहले! 

 

मुस्कुराऊ कभी तो यूँ लगता है... 

जैसे होंठो पर मेरे कर्ज रखा है! 

 

अपनी मुलाकात कुछ अधूरी सी लगी... 

पास होकर भी दुरी सी लगी... 

होठों पे हंसी आँखों में मज़बूरी सी लगी... 

जिंदगी में पहली बार... 

किसी की दोस्ती जरुरी सी लगी! 

 

ऊफ ये गजब की रात और ठंडी हवा का आलम... 

हम भी खुब सोते अगर उसकी बाहो मे होते! 

 

इश्क करना है तो रात की तरह करो... 

जिसे चांद भी कुबूल और उसके दाग भी कुबूल! 

 

तुम चाहो अगर तो लिख दो इश्क़ मेरी तक़दीर में​... 

तुमसे खूबसूरत स्याही तो जन्नत में भी नहीं होगी! 

 

कुछ बयां कर देता हूं कुछ छूपा लेता हूं... 

मै अपनी मुस्कान से ही खूद को मना लेता हूं! 

 

किताब-ए-दिल का कोई सफा ख़ाली नहीं होता... 

मेरे दोस्त वो भी पढ लेते हैं जो लिखा भी नहीं होता! 

 

हमारी "मोहब्बत" की सबसे खास बात... 

ना "इज़हार" ना इंकार...

ना "करार" ना तकरार...

बस "प्यार" "प्यार" "प्यार"

 

ये मोहब्बत का शहर है जनाब...

यहाँ सवेरा सूरज से नही... 

किसी कि तस्वीर के दीदार से होता है!

 

ऐ हवा संग अपने उनके होठों की नमी लेते आना... 

अरसे से उनके लबों को किसी ने चुमा तक नहीं है! 

 

नाम तेरा ऐसे लिख चुके है अपने वजूद पर...

कि तेरे नाम का भी कोई मिल जाए…

तो भी दिल धड़क जाता है! 

 

नजर से दूर रहकर भी किसी की सोच में रहना... 

किसी के पास रहने का तरीका हो तो ऐसा हो! 

 

तु दिल से ना जाये तो मैं क्या करुँ... 

तु ख्यालों से ना जाये तो मैं क्या करुँ... 

कहते है ख्वाबों में होगी मुलाकात उनसे... 

पर नींद न आये तो मैं क्या करुँ!  

 

ये इश्क़ की नगरी है... 

यहाँ दिल मिलते भी हैं और दिल खो भी जाता है! 

 

"साथ" दो हमारा "जीना" हम सिखायेँगे... 

मंजिल" तुम पाओ "रास्ता" हम बनायेँगे... 

"खुश" तुम रहो "खुशिया" हम दिलायेँगे... 

तुम बस "दोस्त" बने रहो दोस्ती हम निभायेंगे!

 

दिल मे ना जाने कैसे तेरे लिए इतनी जगह बन गई... 

तेरे मन की हर छोटी सी चाह मेरे जीने की वजह बन गयी!

 

तुझे चाहा बहुत पर हक नहीं जताया कभी... 

दोस्ती का रिश्ता भी ना खो दूं कहीं... 

इसलिए सब कुछ छुपाया मैंने! 

 

बेताब तमन्नाओ की कसक रहने दो... 

मंजिल को पाने की कसक रहने दो...

आप चाहे रहो नज़रों से दूर... 

पर मेरी आँखों में अपनी एक झलक रहने दो! 

 

झूम‬ लूं तेरी ही ‪बाँहों‬ में एक‪ खुशी‬ बनकर... 

जो ‪मिल‬ जाए तू मुझे एक ‪जिंदगी‬ बनकर! 

 

मेरी बस एक छोटी सी ख्वाहिश है... 

जब मैं याद करूं उनको... 

तो उनकी धड़कने भी तेज हो!

 

तुम गुज़ार ही लोगे ज़िन्दगी हर फन में माहिर हो...  

पर मुझे तो कुछ भी नहीं आता तुम्हे चाहने के सिवा! 

 

तेरी अदाओं का मेरे पास कोई जवाब नहीं है... 

अब मेरी आँखों में तेरे सिवा कोई ख्वाब नहीं है...

तुम मत पूछो मुझे कितनी मोहब्बत है तुमसे...

इतना ही जानो मेरी मोहब्बत का कोई हिसाब नहीं! 

 

नज़रों से ना देखो हमें...  

तुम में हम छुप जायेंगे...  

अपने दिल पर हाथ रखो...  

तुम हम वही तुम्हें मिल जायेंगे! 

 

उल्फत में अक्सर ऐसा होता है...  

आँखे हंसती हैं और दिल रोता है... 

मानते हो तुम जिसे मंजिल अपनी... 

हमसफर उनका कोई और होता है! 

 

जिंदगी एक बार ही सही... 

लेकिन ऐसे शख्स से जरूर मिलवाती है... 

जिसके साथ हम अपना सबकुछ बाँटना चाहते हैं! 

 

मांझी तेरी कश्ती के तलबदार बहुत है... 

इस पार कुछ मगर उस पार बहुत है... 

जिस शहर में तुने खोली है शीशे की दुकान... 

उस शहर में पत्थर के खरीदार बहुत है! 

 

इश्क जिसकी तरफ निगाह कर गया...

झोपड़ी हो या महल तबाह कर गया! 

 

भटकता रहता हूँ उन गलियों में जहाँ...

से तेरी ख़ुशबू आती है! 

मेरी गलती करने की आदत नहीं...

फिर भी करता हूँ... 

क्योकी अच्छा लगता हे तेरा प्यार से समझना! 

 

मेरे हँसते हुए लहज़े से धोखा खा रहे हो तुम... 

मेरा उतरा हुआ चेहरा दिखाई क्यूँ नहीं देता!

 

प्रेम में जबरदस्ती नहीं...

प्रेम जबरदस्त होना चाहिए! 

 

पूरे नक़ाब में भी पहचान जाते है शख्शियत... 

तुम्हारे आंखों का सुरमा ज़रा अलग ही चमकता है! 

 

मोहब्बत के लिए खूबसूरत होने की कैसी शर्त... 

इश्क हो जाए तो सब कुछ खूबसूरत लगने लगता है! 

 

यक़ीनन "मोहब्बत" की शुरुआत... 

"नजरो" से ही होती है... 

हो अगर "लफ्जो" में नजाकत... 

तो "नजरे" भी 'घायल' होती है!

 

चूमकर मेरी बोझिल पलकों को... 

मेरी आँखों को शहर सा रौशन तुम कर दो... 

तुम्हारी क्यारी में बिखरी ओस हूँ कोई मैं... 

अपने लबों से लगाकर मुझको तुम अमृत कर दो! 

 

काश मैं कुछ ऐसा लिखूँ तेरे ख्यालों में... 

तू बेचैन होकर आ जाए मेरे ख्वाबों में! 

 

तुम ज़रा कस के थाम लो... 

हथेली को मेरी... 

लकीरों को अच्छा लगेगा... 

लकीरों से मिलना! 

 

न इश्क़ है तुमसे न मुहब्बत की तलब...

पर फिर भी... तुमसे बातें करना... 

तुम्हे सोचना... तुम्हे चाहना... 

तुम्हे देखना अच्छा लगता है! 

 

जब से तेरे एहसासों के आँगन मै खड़ा हुआ हूँ...

मेरे जज्बातों की छत तेरे आँगन पर लग गई! 

 

इश्क मुहब्बत तो सब करते हैं... 

गम-ऐ-जुदाई से सब डरते हैं... 

हम तो न इश्क करते हैं न मोहब्बत... 

हम तो बस आपकी एक मुस्कुराहट पाने के लिए तरसते हैं! 

 

इश्क़ को कभी होठों से चख़ा भी नहीं... 

फिर भी... 

तेरे सिवा मैंने कुछ लिखा भी नहीं!

 

मेरे दिल ने जब भी कभी कोई दुआ माँगी है...  

हर दुआ में बस तेरी ही वफ़ा माँगी है... 

जिस प्यार को देख कर जलते हैं यह दुनिया वाले... 

तेरी मोहब्बत करने की बस वो एक अदा माँगी है! 

 

ये नजर नजर की बात है कि किसे क्या तलाश है... 

तू हँसने को बेताब है और... 

मुझे तेरी मुस्कुराहटों की प्यास है! 

 

ख़ूबसूरत चेहरों में कशिश तो लाज़मी है... 

मगर ख़ूबसूरत दिल के बग़ैर... 

चाहत अधूरी होती है!

 

मत पुछ कितनी मोहब्बत है तुमसे... 

बारिश की बूंद भी अगर तुम्हे छू ले तो... 

दिल में आग लग जाती है! 

 

आज‬ दरगाह में‬ मन्नत‬ का धागा नहीं‬... 

अपना दिल‬ बाँध‬ के ‪आया‬ हूँ ‪तेरे लिए‬! 

 

बस एक बार मुझसे शादी कर लो मैडम... 

गाड़ियों का और साड़ियों का तो पता नहीं लेकिन... 

मेरे खून से तेरी मांग और प्यार से... 

तेरा दिल ना भर दु तो कहना! 

 

बना लो उसे अपना जो दिल से तुम्हे चाहता है... 

खुदा की कसम ये चाहने वाले बडी मुश्किल से मिलते हैं! 

 

इश्क मुकम्मल तब होता है... 

जब इश्क की बाहों में खुद इश्क होता है! 

 

खोना नहीं है तुम्हें... 

इसलिये पाने की जिद भी नहीं है! 

 

आपकी चेहरे की एक नज़र चाहिए... 

यह दिल है बेघर इसे एक घर चाहिए... 

यूँ साथ चलते रहो ऐ जानेमान... 

यह प्यार हमें उम्र भर चाहिए! 

 

वो देख कर भी ना देखना तेरा...

उफ्फ़ ये हुनर कहाँ से सीखा है! 

 

गुस्से मे छिपा तेरा प्यार नजर आ गया...

तभी तो तेरे जाने के कहने पर भी हम रूक गये! 

 

बातें करनी हैं तुमसे बहुत सारी इतनी कि...

मेरी बाकी की ज़िंदगी कट जाए तुम्हारे सहारे! 

 

बाँहो के आगोश और गेसुओं की छाँव में... 

आज सारी दोपहर थे हम मोहब्बत के गाँव में!

 

पता नहीं क्यूँ कभी कभी दिल यूँ ही... 

खुश हो जाता है लगता है जैसे तुमने छू लिया हो मुझे! 

 

वक़्त मिला उसे तो हमें भी याद कर ही लेगा वो... 

फ़ुरसत के लम्हों में हम भी बड़े ख़ास हैं उसके लिए! 

 

काश कोई पैमाना होता मोहब्बत नापने का... 

तो शान से आते तेरे सामने सबूत के साथ!

 

कुछ मीठी सी ठंडक है आज इन हवाओं में... 

शायद दोस्तो की यादों का कमरा खुला रह गया है! 

 

कभी तुम आ जाओ ख्यालो में और... 

मुस्कुरा दूँ मैं इसे अगर इश्क़ कहते हैं... 

तो हाँ हाँ कबूल करते है हम... 

हमें इश्क़ है तुमसे!