Top 100 Anmol Vachan in Hindi

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Top 100 Anmol Vachan in Hindi

Top 100 Anmol Vachan in Hindi

 

सब्र की जड़े चाहें जैसी भी हो...

इसके फल सदैव " मीठे " होते हैं...

 

Anmol Vachan in Hindi

 

'प्यार' और 'उधार' उसी को बांटो... 

जिनसे "वापसी" की उम्मीद हो...

 

हम परेशान क्यूं हैं? दो ही कारण है ...

पहला ...  

हमे 'तकदीर से ज्यादा' चाहिये...

और दूसरा ... 

हमे 'वक़्त से पहले' चाहिये...

 

प्रेम और आस्था दोनों पर ही किसी का जोर नहीं...

ये मन जहाँ लग जाए वहीं पर रब नजर आता है...

 

Anmol Vachan in Hindi

 

'दुआओं का कोई रंग' नहीं होता लेकिन ... 

जब ये 'रंग लाती' है तो 'ज़िंदगी रंगों से भर' जाती है...

 

कुछ अच्छा होने पर जो इंसान...

सबसे पहले याद आता है... 

वो 'जिंदगी का सबसे कीमती' इंसान होता है...

 

उजालों में तो कोई ना कोई मिल ही जायेगा...

तलाश उनकी करो जो अंधेरों में भी साथ दे...

 

Anmol Vachan in Hindi

 

कुछ अजीब है ये दुनिया यहाँ 'झूठ' नहीं... 

'सच बोलने' से रिश्ते 'टूट' जाते हे...

 

अच्छे लोगों का 'स्वभाव गिनती के ...

"शून्य" की तरह होता है... 

लोगों की नजर में भले ही उसका... 

"मूल्य"कुछ भी नहीं होता... 

वो जिनके साथ होते हैं...

उनकी "कीमत" बढ़ा देते हैं...

 

खुशियाँ तकदीर में होनी चाहिए...

तस्वीर में तो हर कोई मुस्कुराता है...

 

Anmol Vachan in Hindi

 

लाख जमाने भर की 'डिग्रीयाँ' हो हमारे पास...

"अपनों की तकलीफ़" नहीं 'पढ़' पाये तो 'अनपढ़' है हम...

 

'सच्चाई' के इस 'जंग' में कभी 'झूठे भी जीत' जाते है... 

'समय अपना अच्छा' न हो तो कभी 'अपने' भी 'बिक' जाते हैं...

 

संस्कारों से बड़ी कोई वसीयत नहीं होती और...

ईमानदारी से बड़ी कोई विरासत नहीं होती...

 

Anmol Vachan in Hindi

 

"इज्जत" एक 'महँगी चीज' है...

इसकी 'उम्मीद' "सस्ते लोगों" से 'ना' रखें...

 

"दौलत" से सिर्फ 'सुविधायें' मिलती हैं "सुख" नहीं...

"सुख" मिलता है 'आपस के प्यार' से व अपनों के "साथ" से... 

अगर सिर्फ 'सुविधाओं' से 'सुख' मिलता तो... 

"धनवान" लोगों को कभी "दुःख" न होता...

 

क्षमा उन फूलों के समान हैं जो... 

कुचले जाने के बाद भी खुशबू देना बंद नहीं करते...

 

Anmol Vachan in Hindi

 

अहसासों की नमी बेहद जरुरी है हर रिश्ते में...

रेत भी सूखी हो तो 'हाथों से फिसल' जाती है...

 

अपना "दर्द" सबको न बताएं क्योंकि सबके... 

घर "मरहम" नहीं होता मगर...

"नमक" हर एक के घर होता है...

 

कामयाब लोग अपने फैसले से दुनिया बदल देते हैं और...

नाकामयाब लोग दुनिया के डर से ही फैसले बदल लेते हैं...

 

Anmol Vachan in Hindi

 

जरुरी नहीं है कुछ 'तोड़ने' के लिए 'पत्थर ही मारा' जाए...

'अंदाज बदल के बोलने' से भी बहुत कुछ 'टूट' जाता है...

 

जुबान से 'बेबस' हो जाता है आदमी जब...

खुद पर 'गुरुर' हो जाता है...

टूटता है जब 'नशा दौलत' का... 

बहुत से 'रिश्तों से दूर' हो जाता है...

 

सवेरा तो रोज ही होता है परन्तु "शुभ प्रभात" क्या होता है...

बुद्ध ने बहुत ही सुन्दर जबाब दिया...

जीवन में जिस दिन आप अपने अंदर के बुराईयों को...

समाप्त कर उच्च विचार तथा अपनी आत्मा को शुद्ध करके...

दिन की शुरुआत करते हैं वही "शुभ प्रभात" होता है...

 

Anmol Vachan in Hindi

 

रिश्तों का विश्वास टूट ना जाये ...

दोस्ती का साथ कभी छूट ना जाये...

हे प्रभु ! गलती करने से पहले संभाल लेना मुझे...

कहीं मेरी गलती से मेरा कोई अपना रूठ ना जाये...

 

जीवन में 'कड़वाहट और मिठास' दोनों ही महत्वपूर्ण है...

मिठास हमें खुशियां देती है और...

कड़वाहट उसी मिठास को संतुलित करने का काम करती है...

 

जरुरत से ज्यादा मिले उसको कहते हैं... नसीब 

सब कुछ है फिर भी रोता है उसको कहते हैं... बदनसीब 

और जिंदगी में थोड़ा कम पाकर भी हमेशा...

खुश रहता है उसको कहते हैं... खुशनसीब ...

 

Anmol Vachan in Hindi

 

'खुबसूरत चेहरा' भी एक दिन 'बूढा' हो जाता है...

'ताकतवर शरीर' भी एक दिन 'ढल' जाता है... 

'ओहदा और पद' भी एक दिन 'खत्म' हो जाता है...

लेकिन... एक 'अच्छा इंसान' लोगों के...

"दिलों" में'हमेशा जिंदा' रहता है...

 

जहाँ दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाए वहाँ...

खुद को 'समझा' लेना बेहतर होता है...

 

चलने की कोशिश तो करो दिशायें बहुत हैं रास्तो पर...

बिखरे काँटों से न डरो तुम्हारे साथ माँ की दुआएँ भी हैं...

 

Anmol Vachan in Hindi

 

खुशियां आये जिंदगी में तो चख लेना 'मिठाई' समझकर...

जब 'गम' आये तो वो भी कभी 'खा' लेना 'दवाई' समझकर...

 

"आँख से गिरा आँसू" और "नज़रों से गिरा इन्सान" ...

कभी भी 'वापस' अपनी 'पहले' वाली 'जगह' नहीं पाता...

 

इंसान साधन से नहीं मेहनत से श्रेष्ठ बनता है...

इंसान भवनों से नहीं भावना से श्रेष्ठ बनता है...

इंसान उच्चारण से नहीं उच्च-आचरण से श्रेष्ठ बनता है...

 

Anmol Vachan in Hindi

 

जिनकी संगत में 'खामोश संवाद' होते हैं ...

अक्सर वो 'रिश्ते बहुत ही 'खास' होते हैं...

 

दुनिया की सारी 'उलझनें' खत्म हो सकती हैं ...

अगर बेईमान 'खामोश' रहे और ईमानदार 'बयान' करें...

 

परोपकार बहुत विश्वसनीय कार्य है...

जिसका ईश्वर के अतिरिक्त कोई साक्षी नहीं है...

 

 

Anmol Vachan in Hindi

 

'गुलाम' बनकर 'जिओगे' तो... 

'कुत्ता' समजकर 'लात मारेगी' तुम्हे ये दुनिया...

'नवाब' बनकर 'जिओगे' तो 'सलाम ठोकेगी' ये दुनिया …

“दम कपड़ो" में नहीं "जिगर" में रखो...

 

कभी कभी रिश्तों की कीमत वो लोग समझा देते है ... 

जिनसे हमारा कोई रिश्ता ही नहीं होता...

 

जो व्यक्ति स्पष्ट, साफ, सीधी बात करते हैं...

उनकी वाणी तीव्र एवं कठोर होती है लेकिन...

ऐसा व्यक्ति कभी किसी को धोखा नहीं देता...

 

Anmol Vachan in Hindi

 

'झूठ' इसलिए 'बिक' जाता है क्योंकि... 

'बाजार' में 'सच' को 'खरीदने' की सबकी 'औकात' नहीं... 

 

'सच' को 'ख्वाहिश' होती है कि सब उसे जान ले और... 

'झूठ' को हमेशा 'डर' लगता है कि कोई उसे 'पहचान' न ले...

 

किसी अच्छे इंसान के साथ हद से ज्यादा...

बुरा सुलूक मत कीजिये क्योंकि...

सुन्दर काँच जब टूटता है तो...

धारदार हथियार बन जाता है...

 

Anmol Vachan in Hindi

 

जो आपके हैं वो 'व्यस्त' नहीं हो सकते और...  

जो 'व्यस्त' हैं वो आपके नहीं हो सकते...

 

'चिंता' इतनी कीजिए कि 'काम' हो जाए... 

इतनी नहीं कि 'जिंदगी तमाम' हो जाए...

 

स्त्री को प्रेम देना सबसे बड़ा उपहार है...

और...

स्त्री से प्रेम पाना सबसे बड़ा सम्मान है...

 

Anmol Vachan in Hindi

 

एक धागे की बात रखने को मोम का रोम रोम जलता है...

मजबूत रिश्ते टूट जाते हैं कच्चे धागे में 'प्यार पलता' है...

 

'लक्ष्य' सही होना चाहिए साहब ...

काम तो 'दीमक' भी दिन रात करती है पर ...

वो 'निर्माण' नहीं 'विनाश' करती है...

 

दरवाजा कहता है... हमें अतिथि का स्वागत करना चाहिए...

घड़ी कहती है... काल के समय को पहचान...

खिड़कियाँ कहती है... दूर दृष्टि रख और दुनिया का मान रख...

मंदिर कहता है... मन में पवित्रता रख और नाम स्मरण कर...

छत कहता है... उच्च विचार रख और ऊँची आकांक्षा रख...

परंतु जमीन कहती है... पैर सिर्फ मुझ पर ही रहने दे...

 

Anmol Vachan in Hindi

 

 

कर्म के पास न 'कागज' है न किताब है...

फिर भी सारे 'जगत का हिसाब' है...

 

जिनकी 'हंसी खूबसूरत' होती है...

उनके 'जख्म काफी गहरे' होते हैं... 

 

" कष्ट और विपत्ति "

मनुष्य को शिक्षा देने वाले सर्वश्रेष्ठ गुण हैं...

जो व्यक्ति साहस के साथ उनका सामना करते हैं...

उन्हें सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है...

 

Anmol Vachan in Hindi

 

विचार गतिशील व भिन्न होते है इसका जीवंत उदाहरण है... 

'सब्जी की टोकरी' में से हर व्यक्ति सब्जी "छांटता" है ...

और 'मजे की बात' है कि "बिक" भी पूरी जाती है...

 

'साझेदारी' करो तो किसी के 'दर्द' की करो...

क्योंकि 'खुशियों' के तो 'दावेदार' बहुत हैं...

 

अच्छा वक़्त सिर्फ उसी का होता है...

जो कभी किसी का बुरा नहीं सोचते सुख दुख तो...

अतिथि हैं बारी बारी से आयेंगे और चले जायेंगे...

यदि वो नहीं आयेंगे तो हम​ अनुभव कहाँ से लायेंगे...

जिन्दगी को खुश रहकर जीना सीखो...

क्योंकि रोज शाम सिर्फ सूरज ही नहीं ढलता...

आपकी अनमोल जिन्दगी भी ढलती है...

 

 

Anmol Vachan in Hindi

 

'वफादारी' का असली मतलब उन लोगों से पूछो...

जो किसी को सालों से एक तरफा 'प्यार' करते हैं...

 

जो कल था... उसे 'भूल कर' तो देखो...

जो आज है... उसे 'जी कर' तो देखो...

आने वाला पल... 'खुद ही सँवर' जायेगा...

 

भाव बिना बाजार में वस्तु मिले ना मोल...

तो भाव बिना " रब " कैसे मिले जो हैं अनमोल...

इस संसार में भूलों को माफ करने की क्षमता...

सिर्फ तीन में है...

" माँ... महात्मा... और परमात्मा "

 

 

Anmol Vachan in Hindi

 

'मेहनत' करने वाला कभी "भूखा नहीं मरता" और ...

'बुरी नियत' वाले का कभी 'पेट नहीं भरता'...

 

इंसान की 'अकड़ वाजिब' है... जनाब पैसा आने पर ...

तो 'बटुआ भी फूल' जाता है...

 

दो तथ्य आपके व्यक्तित्व को परिभाषित करते हैं :  

पहला... आपका धैर्य...

जब आपके पास कुछ न हो...

दुसरा... आपका व्यवहार...

जब आपके पास सब कुछ हो...

 

Anmol Vachan in Hindi

 

जो 'बिना कहे सुन' ले वो 'दिल के बेहद करीब' होते हैं...

ऐसे 'नाजुक एहसास' बड़े 'नसीब' से होते हैं...

 

'पुरानी शाख' से पूछो कि 'जीना' कितना 'मुश्किल' है...

'नए पत्ते' तो बस अपनी 'अदाकारी' में रहते हैं...

 

जब आप ऊँचाईयों की सीढ़ियां चढ़ रहे हों तो...

पीछे छूटे लोगों से बहुत अच्छा व्यवहार करें...

क्योंकि उतरते समय ये सभी रास्ते में फिर मिलेंगे...

 

Anmol Vachan in Hindi

 

'रिश्तों के बाजार' में आजकल वो लोग हमेशा...

'अकेले' पाए जाते हैं जो दिल और 'जुबान के सच्चे' होते हैं... 

 

बहुत 'सम्भाल' के लिखना पड़ता है...

'जहन ए जज्बात' को... 

वरना स्याही पर नहीं 'गहराई पर सवाल' होता है...

 

विजेता वो नहीं बनते है जो कभी असफल नहीं हुए हैं...

बल्कि विजेता वो बनते हैं जो कभी भी हार नहीं मानते...

 

Anmol Vachan in Hindi

 

दर्द सबके एक है मगर हौसले सबके अलग अलग है...

कोई 'बिखर के मुस्कुराया' तो कोई 'मुस्कुराकर बिखर' गया...

 

एक नफरत है जिसको पल भर में...

महसूस कर लिया जाता है और... 

एक प्रेम है जिसका यकीन दिलाने के लिए... 

सारी जिंदगी भी कम पड़ जाती है... 

 

बीज की यात्रा वृक्ष तक है...

नदी की यात्रा सागर तक है और...

मनुष्य की यात्रा परमात्मा तक है अर्थात...

संसार में जो कुछ भी हो रहा है वह सब ईश्वर का देन है...

हम और आप तो केवल निमित्त मात्र हैं...

इसीलिये कभी भी ये भ्रम न पालें...

कि मैं न होता तो क्या होता...

 

 

Anmol Vachan in Hindi

 

बुलंद हो 'हौसला' तो मुट्ठी में हर मुकाम है ...

'मुश्किलें और मुसीबतें' जिंदगी में 'आम' है ... 

सफलता पानी हो तो 'ताकत' रखो 'बाजुओं' में ... 

लहरों के खिलाफ तैरने कि ...

क्योंकि 'लहरों के साथ बहना' तो लाशों का काम है...

 

किसी ने सालों-साल लगा दिये 'सफलता हासिल' करने में ...

और लोगों को दो मिनट लगे कहने में 'किस्मत अच्छी' थी...

 

नजर और नसीब का कुछ ऐसा इत्तेफाक है कि...

नजर को अक्सर वही चीज पसन्द आती है...

जो नसीब में नहीं होती है और...

नसीब में लिखी चीज अक्सर नजर नहीं आती...

 

Anmol Vachan in Hindi

 

अगर कोई व्यक्ति आपसे 'जलता' है तो ये...

उसकी बुरी आदत नहीं है...

बल्कि आपकी 'काबिलियत' है जो... 

उसे ये काम करने पर 'मजबूर' करती है...

 

'बचपन' इसलिए भी 'प्यारा' होता है क्योंकि...

'कंधे और दिल' दोनों 'खाली' होते हैं...

 

सवाल करने वाले तो बहुत मिलते हैं...

लेकिन बिना सवाल किए...

ख्याल रखने वाले नसीब से मिलते हैं...

 

Anmol Vachan in Hindi

 

'नजरिया और अहम' दोनों अलग कर देते हैं...

फर्क सिर्फ इतना है कि... 

'नजरिया' आपको लोगो से अलग बनाता है...

और 'अहम' आपको लोगो से अलग कर देता है...

 

शरीर से 'प्रेम' है तो 'आसन' करें...

सांस से प्रेम है तो 'प्राणायाम' करें... 

आत्मा से प्रेम है तो 'ध्यान' करें और... 

'परमात्मा' से 'प्रेम' है तो 'समर्पण' करें...

 

नसीब का प्यार और गरीब की दोस्ती...

ये कभी धोखा नहीं देते हैं...

 

Anmol Vachan in Hindi

 

गुजरी हुई जिंदगी को कभी 'याद ना' कर ... 

'तकदीर' में जो 'लिखा' है उसकी 'फरियाद' ना कर ...

जो होगा वो होकर रहेगा तू कल की 'फ़िक्र' में ... 

अपनी आज की 'हंसी बर्बाद ना' कर...

'हंस मरते' हुए भी 'गाता' है और ... 

'मोर नाचते' हुए भी 'रोता' है ये 'जिंदगी का फंडा' है ...

'दुखों' वाली रात 'नींद नहीं' आती ... 

और 'खुशी वाली रात' कौन 'सोता' है ...

 

इंसान को अपनी 'औकात' उस 'वक्त' पता चलती है ... 

जब उसे वहां से 'ठोकर' पड़ती है ...  

जहाँ उसने सबसे 'ज्यादा भरोसा' किया हुआ होता है ...

 

सच और सूरज ज्यादा देर तक छुप नहीं सकता वैसे ही...

परिस्थिति कुछ भी हो डटकर खड़े रहना चाहिए...

वक्त आने पर खट्टे आम भी पक कर...

मीठा आम बन जाता है...

 

 

Anmol Vachan in Hindi

 

'तलाश जिंदगी' की थी दूर तक निकल पड़े ... 

'जिंदगी' मिली नही 'तज़ुर्बे' बहुत मिले ...

 

मंनुष्य कितना भी 'गोरा' क्यों ना हो ... 

परंतु उसकी 'परछाई' सदैव 'काली' होती है ...

"मैं श्रेष्ठ हूँ" यह 'आत्मविश्वास' है लेकिन ... 

'सिर्फ' "मैं ही श्रेष्ठ हूँ" यह 'अहंकार' है ...

 

अच्छे और सच्चे रिश्ते न तो खरीदे जा सकते हैं ...

न ही उधार लिए जा सकते हैं इसलिए ...

उन लोगों को जरूर महत्व दें जो आपको महत्व देते हैं...

 

Anmol Vachan in Hindi

 

इच्छा पूरी नहीं होती तो क्रोध बढ़ता है और ...

इच्छा पूरी होती है तो 'लोभ बढ़ता' है ...

इसलिये 'जीवन' की हर स्थिति में ...

'धैर्य' बनाये रखना ही 'श्रेष्ठता' है ...

 

'भाग्यशाली'... वे नही होते जिन्हें ... 

सब कुछ 'अच्छा' मिलता है ...

बल्कि वे होते हैं जिन्हें जो 'मिलता' है ...

उसे वो 'अच्छा बना' लेते हैं ...

 

जो अच्छा लगता है उसे गौर से मत देखो...

ऐसा न हो कोई बुराई निकल आए...

जो बुरा लगता है उसे गौर से देखो...

मुमकिन है उसमें कहीं कोई अच्छाई नजर आ जाए...

 

 

Anmol Vachan in Hindi

 

जिंदगी मे दो मित्र जरूर होने चहिये :-

एक: 'कृष्ण जो ना लड़े'... फिर भी 'जीत पक्की' कर दे और...

दुसरा: 'कर्ण जो हार सामने' हो... फिर भी 'साथ ना छोड़े'...

 

जिन्दगी की 'तपिश' को 'सहन' कीजिए ... 

अक्सर वे 'पौधे मुरझा' जाते हैं ...

जिनकी 'परवरिश छाया' में होती है ...

 

ये घमंड, ये हुकूमत, ये नशा, ये दौलतें सब किरायेदार हैं...

घर बदलते रहते हैं अगर रखना ही है तो...

मुस्कुराहट, अपनापन और स्वभाव को रखें...

ये सब अपने हैं इनसे ही हम दूसरों के दिलों में रह पाते हैं...

 

Anmol Vachan in Hindi

 

जन्म से ना तो कोई 'दोस्त पैदा' होता है ...

और ना ही 'दुश्मन' वह तो ...

हमारे 'घमंड, ताकत या व्यवहार' से बनते हैं ...