Sad Shayari in Hindi

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Sad Shayari in Hindi

Sad Shayari in Hindi

 

शायर कह कर मुझे बदनाम ना करना दोस्तों...

मैं तो रोज़ शाम को दिन भर का हिसाब लिखता हूँ! 

 

Sad Shayari in Hindi

 

क्यों शर्मिंदा करते हो रोज़ हाल पूछकर... 

हाल हमारा वही है जो तुमने बना रखा है!    

 

जिसमें तू नहीं वो तमन्ना अधूरी है...

तू जो मिल जाएं तो जिंदगी पूरी है! 

 

आशिक़ मरते नहीं 'दफनाये' जाते हैं...

ज़मीन खोद कर देखो 'जिंदा' पाए जाते है! 

कोई कहता इससे 'आग' लगा दो... 

कोई कहता इससे "ज़मीन" पे गाड़ दो!

मगर ज़ालिम ज़माना ये नहीं कहता कि... 

इन्हें "अपने प्यार से मिला" दो!

 

Sad Shayari in Hindi

 

बुशदिल है वो लोग जो मोहब्बत नहीं करते...

बहुत हौसला चाहिये बर्बाद होने के लिए!

 

कौन था जिसे दुख सुनाते...

आइने पे सर रखा और रो दिए! 

 

किस्मत की किताब तो खूब लिखी थी खुदा ने...

बस वही पन्ना गुम था जिसमें मोहब्बत का जिक्र था! 

 

Sad Shayari in Hindi

 

फरेब थी हँसी उनकी हम आशिकी समझ बैठे...

मौत को ही हम अपनी ज़िंदगी समझ बैठे...

वो वक़्त का मज़ाक था या हमारी बदनसीबी...

जो उनकी दो बातों को मोहब्बत समझ बैठे!

 

बड़ी मुश्किल से सीखा था हमने दगा देने का हुनर... 

जब इस्तेमाल करने का वक़्त आया तो दिल दगा दे गया! 

 

चलते चलते थक गया तो पूँछा पांव के छालो ने ... 

कितनी दूर बसाई है दुनिया तेरे चाहने वालो ने! 

 

Sad Shayari in Hindi

 

दुआ मांगी थी आशियाने की...

चल पडी आँधियाँ जमाने की...

मेरा गम कोई नही समझ पाया...

क्योकी मेरी आदत थी मुस्कुराने की! 

 

कोई खुशियों की चाह में रोया...

कोई दुखों की पनाह में रोया... 

अजीब सिलसिला है ये ज़िंदगी का... 

कोई भरोसा कर के रोया! 

 

मेरी चाहत को मेरी हालत के तराजू में न तोल...

मैंने वो जख्म भी खाऐ हैं... 

जो मेरी किस्मत में नहीं थे! 

 

Sad Shayari in Hindi

 

कल तुझसे बिछड़ने का फैसला कर लिया था...

आज अपने ही दिल को रिश्वत दे रहा हूँ!

 

हवस के इस दौर मे मुझे मोहब्बत ऐसे करनी है...

पहली बार जब तुझे हाथ लगाऊं...

वो तेरी मांग भरने के लिए! 

 

जब तक आँखों में दम है तेरा इंतजार रहेगा...

साँस की आखरी हद तक मेरा प्यार रहेगा...

लौट आना जान निकलने से पहले ही वरना...

अगले जन्म में भी मेरी चाहत का उधार रहेगा...

 

Sad Shayari in Hindi

 

साहिल पर खड़े-खड़े हमने शाम कर दी...

अपना दिल और दुनिया उसके के नाम कर दी...

ये भी न सोचा कैसे गुज़रेगी ज़िंदगी...

बिना सोचे-समझे हर ख़ुशी उसके नाम कर दी...

 

मत ज़िक्र करो अपने अदा के बारे में...

हम भी बहुत जानते हैं वफ़ा के बारे में...

हमने सुना है उन्हे भी इश्क़ का नशा छाया है...

मैंने अपना ग़म आसमान को सुना दिया...

शहर के लोगों ने बारिश का मजा लिया...

 

मैंने रब से कहा वो छोड़ के चली गई...

पता नहीं उसकी क्या मजबूरी थी...

रब ने कहा इसमें उसका कोई कसूर नहीं...

यह कहानी तो मैंने लिखी ही अधूरी थी...

 

Sad Shayari in Hindi

 

बग़ैर जाने पहचाने "इक़रार" ना करिये ...

मुस्कुराकर यूँ दिल को "बेक़रार" ना करिये ...

फूल भी दे जाते हैं कभी कभी गहरे "जख़्म" ...

जनाब हर फूल पर यूँ  ही "एतबार"  ना करिये...

 

मुझे आसमानो में उड़ने का शौक है...

परिंदो के बीच खेलने का शौक है...

अगर मुझे जानना हो तो जरा दूर से ही जानना...

मैं परवाना हूँ मुझे आग में जलने का शौक है...

 

सजा हमें यह कैसी मिली दिल लगाने की...

रो रहे मगर तमन्ना थी मुस्कुराने की...

अपना दर्द किसे दिखाऊ ऐ मेरे दोस्त...

दर्द भी उसी ने दिया जो वजह थी मुस्कुराने की...

 

Sad Shayari in Hindi

 

माना कि किस्मत पर मेरा कोई ज़ोर नहीं...

पर ये भी सच है कि मेरी मोहब्बत कमज़ोर नहीं...

उसके दिल में उसकी यादो में कोई और है लेकिन...

मेरी हर साँस में उसके सिवा कोई और नहीं...

 

मोहब्बत के बाद मोहब्बत मुमकिन तो है...

पर टूट कर चाहना सिर्फ एक बार होता है​...

 

काँच का तोहफा ना देना कभी भी किसी को...

रूठ कर लोग तोड़ दिया करते हैं...

जो बहुत अच्छे हो उनसे प्यार मत करना...

हमेशा अच्छे लोग ही दिल तोड़ दिया करते हैं...

 

Sad Shayari in Hindi

 

पढ़ो तो चन्द अल्फाज हैं ये शायरियाँ...

समझो तो ये जवाब हैं कई उलझे सवालो के...

कल तुम्हे फुरसत ना मिली तो क्या करोगे...

इतनी मोहलत ना मिली तो क्या करोगे...

रोज़ कहते हो कल बात करेंगे...

कल हमारी आँखें ही ना खुली तो क्या करोगे...

 

कहानी खत्म हो तो कुछ ऐसे खत्म हो... 

कि लोग रोने लगे तालियाँ बजाते बजाते...

 

कितना और दर्द देगा बस इतना बता दे...

ऐसा कर ऐ खुदा मेरी हस्ती मिटा दे...

यूँ घुट - घुट कर जीने से तो मौत बेहतर है...

मैं कभी न जागूं मुझे ऐसी नींद सुला दे...

 

Sad Shayari in Hindi

 

रुका नहीं मैं थमा नहीं मैं बस थोड़ा सा अलसाया हूँ...

भाव ना पूछो मुझसे मैं फिर से जीने आया हूँ!

 

मै कतरा कतरा फना हुआ...

ज़र्रा ज़र्रा बिखर गया...

ऐ ज़िदंगी तुझसे मिलते-मिलते...

मै अपने आप से बिछड़ गया!

 

भुलाकर हमें क्या वो खुश रह पाएंगे...

साथ में नहीं तो मेरे जाने के बाद मुस्कुरायेंगे...

दुआ है खुदा से की उन्हें कभी दर्द न देना...

हम तो सह गए पर वो टूट जायेंगे...

 

Sad Shayari in Hindi

 

इंतजार भी उसका जिसे आना ही नहीं है...

रात के पास कोई दूसरा बहाना भी नहीं है!

 

तन्हा मुझे जीने को मजबूर मत करना...

मोहब्बत भरा दिल मेरा तोड़कर चूर - चूर मत करना...

बहुत हसीन हो गयी जिंदगी जबसे करीब आये हो तुम...

अब कभी मुझे अपने दिल से दूर मत करना...

 

हिचकियों से एक बात का पता चलता है कि...

कोई हमें याद तो करता है...

बात न करे तो क्या हुआ...

कोई आज भी हम पर कुछ लम्हें बरबाद तो करता है...

 

Sad Shayari in Hindi

 

मोहब्बत की बर्बादी का क्या अफसाना था...

दिल के टुकड़े हो गये पर...

लोगो ने कहा वाह क्या निशाना था! 

 

बेताब सा रहते हैं तेरी याद में अक्सर...

रात भर नहीं सोते हैं तेरी याद में अक्सर...

जिस्म में दर्द का बहाना बनाकर...

हम टूट के रोते हैं तेरी याद में अक्सर!

 

ना मेरी कोई मंज़िल है ना कोई किनारा...

तन्हाई मेरी मेहफिल है और यादें मेरा सहारा...

तुमसे बिछड़ कर कुछ यूँ वक़्त गुज़ारा...

कभी ज़िंदगी को तरसे तो कभी मौत को पुकारा...

 

Sad Shayari in Hindi

 

कटी पतंग का रुख तो था मेरे घर की तरफ...

मगर उसे भी लूट लिया ऊँचे मकान वालों ने...

 

तुमने वादा तो किया था ख्वाब में मिलने का...

ये हमारी बदनसीबी कि हमें नींद ही नहीं आयी...

 

वफा की जंजीर से डर लगता है...

कुछ अपनी तकदीर से डर लगता है...

जो मुझे तुझसे जुदा करती है...

उन हाथों की लकीरों से डर लगता है...

 

Sad Shayari in Hindi

 

ज़ुल्म इतना न कर कि लोग तुझे दुश्मन कहे मेरा...

मैंने ज़माने को तुझे अपनी जान बता रखा है...

 

आज कुछ कमी है तेरे बगैर...

ना रंग ना रोशनी है तेरे बगैर...

वक़्त अपनी रफ्तार से चल रहा है...

बस धड़कन मेरी थमी है तेरे बगैर...

 

पत्थरों से प्यार किया नादान थे हम...

गलती हमसे हुई क्योकि इंसान थे हम...

आज जिन्हे...

हमसे नजरे मिलाने में तकलीफ होती है...

कभी उसी शख्स की जान थे हम...

 

Sad Shayari in Hindi

 

जिस जिस ने मोहब्बत में...

अपने महबूब को खुदा कर दिया...

खुदा ने अपने वजूद को बचाने के लिए...

उनको जुदा कर दिया...

 

हमारे चले जाने के बाद ये समुंदर भी पूछेगा तुमसे...

कहाँ चला गया वो शख्स...

जो तन्हाई मे आकर बस तुम्हारा ही नाम लिखा करता था...

 

थाम कर मेरी हथेली वो कुछ खोजता सा रह गया...

वक्त कुछ ऐसा रुका कि बस रुका सा रह गया...

आँसू भर के आँखों में बस इतना ही कहा...

तुम्हारे हाथों की इन लकीरों से मैं कहां चला गया...

 

Sad Shayari in Hindi

 

कैसे बयान करूँ अलफ़ाज़ नहीं है...

दर्द का मेरे तुझे एहसास नहीं है...

पूछते हो मुझसे क्या दर्द है तुझे...

दर्द यह है के तू मेरे पास नहीं है!

 

खुसी की राह में गम मीले तो क्या करें...

वफ़ा की राह में बेवफाई मिले तो क्या करें...

कैसे बचाये जिंदगी को दगाबाज़ों से...

कोई दिल लगा के दे जाए धोखा तो क्या करें!

 

जनाब मेरी किस्मत तो देखो जरा...

मैंने भी... एक ऐसे शख्स को चाहा है...

जिसको भुलाना मेरे बस में नहीं...

और पाना किस्मत में नहीं...

 

Sad Shayari in Hindi

 

डर लगता है किसी को अपना बनाने में...

डर लगता है कुछ वादे निभाने में...

प्यार तो एक पल में हो जाता है... 

बस उमर लग जाती है उसे भूलाने में!

 

कितनी फिक्र है कुदरत को मेरी तन्हाई की...

जागते रहते है रातभर सितारे मेरे लिए! 

 

ये इश्क भी बड़ी नामुराद चिज है दोस्तों...

उसी से होता है जो किसी और का होता है...

 

Sad Shayari in Hindi

 

लोग हमारी "मौत की दुआ" मांगते हैं...

हम "बेशर्मी से जीये" जाते हैं...

उनकी "तमन्ना है जनाजा" देखने की...

हम "खड़े होकर मुस्कुराते" जाते हैं!

 

अपनी तो मोहब्बत की यही कहानी है...

टूटी हुई कश्ती ठहरा हुआ पानी है...

एक फूल किताबों में दम तोड़ चुका है...

मगर याद नहीं आता ये किसकी निशानी है!

 

घायल करके मुझे उसने पूछा...

करोगे क्या फिर मोहब्बत मुझसे...

मेरा दिल तो लहू-लहू था मगर...

होठों ने कहा... हाँ बेइंतहा बेइंतहा...

 

Sad Shayari in Hindi

 

फूल शबनम में डूब जाते है...

जख्म मरहम में डूब जाते है...

जब आते है ख़त तेरे...

हम तेरे गम में डूब जाते है! 

 

तुम फिर आ गये मेरी शायरी में... 

क्या करूँ न मुझसे शायरी दूर जाती है न मेरी शायरी से तुम!

 

हमने तो सोचा था आंसू की सारी किस्ते चुक गई...

फिर किसी तस्वीर ने फिर से तकादा कर दिया!

 

नसीब में ग़र तू है तो... दिल पर तू ही... दस्तक देगा...

"रब" की दुआओं में क्यूँ ? शामिल करूं...

शायद तू ही मेरा "रब" होगा!

 

एे खुदा इस दुनिया में एक और भी कमाल कर...

या इश्क़ को आसान कर या खुदकुशी हलाल कर! 

 

खाली पलके झुका देने से नींद नही आती है जनाब...

सोते वो लोग है जिनके पास किसी की यादें नहीं होती! 

 

मेरा हाल देखकर मोहब्बत भी शर्मिंदा हैं...

की ये शख्स सब कुछ हार गया फिर भी जिन्दा हैं! 

 

तन्हा कर गया वो शक्स...

मुझे सिर्फ इतना कह कर... 

सुना है मोहब्बत बढ़ती है बिछड़ जाने से! 

 

जो बिन कहें सुनले वो दिल के बेहद करीब होते है...

ऐसे नाजुक एहसास बड़े नसीब से नसीब होते है!

 

यूँ ही नहीं आ जाता शायरी का हुनर... 

किसी की मोहब्बत में खुद को तबाह करना पड़ता है!

 

लोग पीठ पीछे बहुत बड़बड़ा रहे हैं... 

लगता है हम... सही रास्ते पर जा रहे हैं!

 

दुनिया में किसी से कभी प्यार मत करना...

अपने अनमोल आँसू इस तरह बेकार मत करना...

कांटे तो फिर भी दामन थाम लेते हैं...

फूलों पर कभी इस तरह तुम ऐतबार मत करना! 

 

एक जनाजा और एक बारात टकरा गए...

उनको देखने वाले भी चकरा गए...

ऊपर से आवाज आई ये कैसी विदाई है...

महबूब की डोली देखने साजन की अर्थी भी आई है! 

 

मोहब्बत और मौत की पसंद तो देखिए... 

एक को दिल चाहिए और दूसरे को धड़कन...

अजीब खेल है ये मोहब्बत का...

किसी को हम न मिले, कोई हमें ना मिला! 

 

वो नहीं आती पर निशानी भेज देती है...

ख्वाबो में दास्ताँ पुरानी भेज देती है...

कितने मीठे हे उसकी यादो के मंज़र...

कभी कभी आँखों में पानी भेज देती है!

 

तेरे लिए चले थे हम, तेरे लिए ठहर गए...

तूने कहा तो जी उठे,, तूने कहा तो मर गए!

 

वो करते हैं बात इश्क़ की... 

पर इश्क़ के दर्द का उन्हें एहसास नहीं...

इश्क़ वो चाँद है जो दिखता तो है सबको...

पर उसे पाना सब के बस की बात नही!

 

इश्क़ एक हुनर है या आदत इश्क़ है...

ग़र सच्ची हो चाहत तो इबादत इश्क़ है...

फर्क बस नज़रिये का है...

उसकी नज़र में क़ुर्बत भी इश्क़ नहीं...

और मेरी नज़र में...

उसकी एक आहट भी इश्क़ है!

 

कभी-कभी यूँ ही चले आया करो दिल की दहलीज़ पर...

ऐ-दोस्तों अच्छा लगता है...

यूँ तन्हाइयों में तुम्हारा दस्तक देना...

मुद्दतें हो गयी लफ़्ज़ों में हरारत हुए...

सुना है लोग आज-कल उँगलियों से ही बातें करते हैं!

 

मैं चाहता रहा उसे सफर में अपना हमसफ़र बनाना...

मगर दुसरो के मशवरों पर उसने रास्ता बदल लिया! 

 

मोहब्बत थी, तो चाँद अच्छा था...

उतर गई, तो दाग भी दिखने लगे!

 

मत पूछो कि उसके प्यार करने का अन्दाज कैसा था...

उसने इतनी सिद्दत से सीने लगाया कि... 

सांस भी रुक गयी और जान भी ना गई!

 

खूब हौसला बढ़ाया आँधियों ने धूल का...

मगर दो बूँद बारिश ने औकात बता दी!

 

इश्क हमेशा से 'खुबसूरत' है... 

दाग तो उसमें 'ख्वाहिशें' लगाती हैं!

 

फ़िर नहीं बसते वो दिल जो इक बार उजड़ जाते हैं...

कब्रें जितनी भी सजा लो... पर कोई ज़िंदा नहीं होता! 

 

बहुत अंदर तक तबाही मचा देता है... 

वो अश्क जो आँख से बह नहीं पाता!