Love Shayari in Hindi

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Love Shayari in Hindi

Love Shayari in Hindi

 

ये बेपनाह सुन्दर हुस्न है तेरा और यूँ सादगी से शर्माना...

यारों चिराग बुझा दो कहीं आग ना लग जाए महफिल में...

 

Love Shayari in Hindi

 

घर से बाहर कालेज जाने के लिए वो नकाब मे निकली…

सारी गली उनके पीछे निकली इनकार करते थे वो हमारी...

मोहब्बत से और हमारी ही तस्वीर उनकी किताब से निकली...

 

इतनी दिलकश आँखें होने का ये मतलब तो नहीं...

कि जिसे देखो उसे दिवाना कर दो...

 

Love Shayari in Hindi

 

तुम लाख दुआ करलो मुझसे दूर जाने की… 

मेरी दुआ भी उसी खुदा से है तुझे करीब लाने की...

 

उन्होंने होठों से छू कर दरिया का पानी गुलाबी कर दिया...

हमें छोड़ो... उन्होंने तो मछलियों को भी शराबी बना दिया...

 

Love Shayari in Hindi

 

दिल में उसकी चाहत और लबों पे उसका नाम है...

वो वफा करे ना करे जिंदगी अब उसी के नाम...

 

मेरी गजल शमायी है तेरी नशीली आँखों में...

मैनें अपने अल्फाज खो रहा हूँ तेरी बातों में आकर...

 

Love Shayari in Hindi

 

जरा आराम से धड़क इतनी भी क्या जल्दी है ऐ-दिल...

तेरी रगों में मेरा यार भी बसता है उसे कोई तकलीफ न हो...

 

चांदनी रात में बैठकर यूँ ना मेहंदी रचाया करो...

सुखाने के बहाने से चाँद को मत जलाया करो...

 

Love Shayari in Hindi

 

नजरों से ना देखो हमें तुम में हम छुप जायेंगे...

अपने दिल पर हाथ रखो तुम हम वही तुम्हें मिल जायेंगे...

 

अगर तुम चाहो तो लिख दो इश्क मेरी तकदीर में​...

तुमसे खूबसूरत स्याही तो जन्नत में भी नहीं होगी...

 

Love Shayari in Hindi

 

जिसकी सजा सिर्फ तुम हो...

मुझे ऐसा कोई गुनाह करना है...

 

लोग आँखों में आँखें डालकर प्यार की बात करते हैं...

हमारी तो पलकें उनके नाम से ही झुक जाती है...

 

Love Shayari in Hindi

 

धागा खत्म हो गया था मन्नतों में तुम्हे मांग कर...

दिल बांध आये हैं अबकी बार तुम्हारे नाम पर...

 

तबाह कर डाला तेरी नशीली आँखों की मस्ती ने...

सौ साल जी लेते अगर दीदार ना किया होता तो...

 

Love Shayari in Hindi

 

इजहार-ऐ-इश्क करेंगे मगर एक शर्त पर... 

फैसला सुनेगी आँखें तेरी आँखों से...

 

कभी सागर कभी झील तो कभी जाम रखा है...

सिरफिरे शायरों ने आँखों का क्या-क्या नाम रखा है...

 

Love Shayari in Hindi

 

लाल चूड़ियाँ तेरे हाथ में लगती है ऐसे...

जैसे चाँद पर रख दिया हो किसी ने कुछ फूल गुलाब के...

 

मेरी पसंद बहुत लाजवाब होती है समझे नहीं...

यकीन ना हो तो एक बार आइना देख लो...

 

Love Shayari in Hindi

 

महकी महकी सी जो ये मेरी लिखावट है...

लफ्जों में तेरे प्यार की थोड़ी सी मिलावट है...

 

सरक गया जब उसके चेहरे से पर्दा अचानक...

फरिस्ते भी कहने लगे कि काश हम भी इन्सान होते...

 

Love Shayari in Hindi

 

तुम्हे हाथों से नहीं दिल से छुना चाहते हैं...

ताकि तुम ख्वाबों में नहीं मेरी रूह में आ सको...

 

यकीनन हाथों की लकीरें तो हमारी बहुत खास है...

तभी तो आप जैसा चाँद का टुकड़ा हमारे पास है...

 

Love Shayari in Hindi

 

नसीब में अगर तू है तो दिल पर तू ही दस्तक देगा...

रब की दुआओं में क्यूँ शामिल करूँ शायद तू ही मेरा रब होगा...

 

उन्होंने ने कहा तुम्हारी आँखें बहुत खूबसूरत हैं...

हमने भी कह दिया आपके ख्वाब जो देखती हैं...

 

Love Shayari in Hindi

 

एक दुजे से मोहब्बत ऐसी हो गयी है... 

दिल तो दो है पर धडकन एक हो गयी है...

 

तेरी मोहब्बत की हद ने मुझे दीवाना बना दिया है...

हम नींद से उठ बैठे तुझे ख्वाबों में आता देखकर...

 

Love Shayari in Hindi

 

तुम्हारी एक मुस्कान से सुधर जाती है तबियत मेरी...

बताओ यार इश्क करती हो या इलाज करती हो...

 

पहली मुलाकात में कुछ ऐसा असर हुआ कि...

वो जुल्फें सम्भालते रहे और हम अपना दिल...

 

Love Shayari in Hindi

 

शबनमी चांदनी रातों में जो चांद से टपके वो है इश्क... 

एक तेरी याद में मेरी आँखों से जो बहे वो है इश्क... 

 

अब समझ में आया कि...

लोग चाँद को खूबसूरत क्यों कहते हैं...

शायद मेरी तरह वो भी...

उसमें आपकी ही झलक को देखते हैं...

 

Love Shayari in Hindi

 

उसने कहा दिखाओ अपनी हथेली मैं किस लकीर में हूँ मैंने कहा...

छोटी सी लकीर में नहीं तुम मेरी हर धड़कन में हो...

 

हम भी मरीज हैं तेरी मोहब्बत के...

आखिर हमें भी तो प्यार की दवा दो किसी दिन...

 

Love Shayari in Hindi

 

कोई शायर तो कोई फकीर बन जाये...

आपको जो देखे वो खुद तस्वीर बन जाये...

ना फूलों की जरूरत ना कलियों की... 

जहाँ आप पैर रख दो वहीं कश्मीर बन जाये...

 

दिल क्यों खिंचा जाता है उसकी तरफ मेरे खुदा...

क्या उसने भी मुझे हासिल करने की दुआ मांगी है...

 

Love Shayari in Hindi

 

तेरी कलाई जो पकडूँ तो... बहुत शोर मचाती हैं...

ये चूड़ियाँ आखिर तेरी लगती क्या हैं... 

 

इजाजत तो हमनें भी नहीं दी थी मोहब्बत करने की उन्हें...

बस उनसे नजर मिलती गई और हम तबाह होते गए...

 

Love Shayari in Hindi

 

कौन कहता है कि आपकी तस्वीर बात नहीं करती...

हर सवाल का जवाब देती है बस आवाज नहीं करती...  

 

खूबसूरत गजल जैसा है तेरा चाँद सा चेहरा...

निगाहें शेर पढ़ती हैं तो लब इरशाद करते हैं...

 

Love Shayari in Hindi

 

जिद तो मोतियों की होती है बिखर जाने की...

हम तो धागा हैं तुमको पिरो के रखेंगे अपनी मोहब्बत में...

 

हमें कहाँ मालूम था इश्क होता क्या है बस...

एक तुम मिले और फिर जिन्दगी मोहब्बत बन गई...

 

Love Shayari in Hindi

 

जिसके हिस्से में रात है...

यकीनन चाँद भी उसके हिस्से में होगा...

 

वो कहती है कि हम उनकी झूठी तारीफ करते हैं...

ऐ खुदा बस एक दिन के लिए आईने को जुबान दे दो...

 

Love Shayari in Hindi

 

आसानी से कोई मिल जाये तो वो किस्मत का साथ है...

सब कुछ खोकर भी जो न मिली उसे मोहब्बत कहते हैं...

 

तेरे इश्क की जंग में हम मुस्कुराके डट गए... 

​तलवार से तो बच गए पर तेरी मुस्कान से कट गए...

 

love shayari in hindi

 

एक बार उसने कहा था मेरे सिवा किसी से...

प्यार ना करना बस फिर क्या था तब से...

मोहब्बत की नजर से हमने खुद को भी नहीं देखा...

 

इश्क के चाँद को अपनी पनाहों में रहने दो...

लबों को न खोलो आँखों को कुछ कहने दो...

 

love shayari in hindi

 

रंग और नूर से रंगीन है कायनात सारी पर...

मेरी इस जिंदगी का रंग तो तुम्हारी एक मुस्कान से है...

 

जब कभी तुम...

हमे याद कर के मुस्कराओगे तो...

हम समझ लेंगे... हमारी दुआ...

कबूल हो गई...

 

love shayari in hindi

 

मिला था कुदरत से एक ही दिल जो तुझे दे दिया अगर 

हजारों मिलते तो भी तुझ पे ही कुर्बान कर देता...

 

जब तेरा हुआ जिक्र तो हम तेरे सजदे में झुक गये...

अब क्या फर्क पड़ता है... 

कि हम मंदिर में झुक गये या मस्जिद में झुक गये...

 

Love Shayari in Hindi

 

सुनो लोग कह रहे है, 'नज़र' आने लगी हो तुम...

मेरे 'लहजे' और 'अल्फाजों' में...

मैं "दर्द" की जगह "मोहब्बत" लिखने लगा हूँ...

न जाने तुम्हारी किस 'इबादत' का असर है...

 

मांगने को तो बहुत कुछ "मांग" लूँ तुमसे...

क्या "दोगे" अगर... मैं तुमसे "तुम" ही को 'माँग' लूँ !

 

love shayari in hindi

 

हर 'रात' को "तुम" इतना "याद" आती हो कि...

हम भूल जाते हैं ये 'रातें' "सपनों" के लिए होती है...

या... तुम्हारी "यादों" के लिए!

 

उन्होंने ने कहा तुम्हारी 'आँखें' बहुत "खूबसूरत" है...

हमने भी कह... दिया 'आपके' "ख्वाब" जो देखती हैं!

 

love shayari in hindi

 

सुना है वो "दुःख" में होता है तो मुझे 'याद' बहुत करता है...

अब में "उस" के लिए... 

"ख़ुशी" की 'दुआ' करू या 'गम' के लिए!

 

ये 'दिल' न जाने क्या कर बैठा...

मुझसे 'बिना' पूछे ही 'फैसला' कर बैठा...

इस "ज़मीन" पर 'टूटा सितारा' भी नहीं गिरता...

और ये पागल 'चाँद' से "मोहब्बत" कर बैठा!

 

जब भी उसके 'नाज़ुक बदन' को "छूता" हूँ...

'समंदर की लहरों' सा 'महसूस' करता हूँ...

"छुई मुई" सी है मानो वह मेरी 'जानम'...

एक 'छुवन' से उसके 'मुरझाने' से "डरता" हूँ!

 

"मोहब्बत" एक एहसासों की 'पावन' सी कहानी है...

कभी "कबीरा" 'दीवाना' था, कभी "मीरा" 'दीवानी' हैl 

 

"मोहब्बत" सिर्फ 'लफ्जो' से बयां नहीं होती...

अदाओं में भी कुछ "राज" 'छूपे' होते है!

इजहारे "मोहब्बत" के 'सवालों' में ही "खतम" हो गए 'रिश्ते'...

आप कोई "जवाब" देते तो शायद 'संवर' जाते "हम"!

 

"मोहब्बत" और "मौत" की 'पसंद' तो देखिए...

'एक' को "दिल" चाहिए और 'दूसरे' को "धड़कन"!

 

'वो' रख ले कहीं "अपने" पास हमें 'कैद' करके...

काश कि "हमसे" कोई ऐसा 'गुनाह' हो जाये! 

 

बड़ी 'कातिल' होती है ये "मोहब्बत" साहिब... 

'धड़कनों' की हलचल "बंद" हो जाती एक 'बेरूखी' से! 

 

"बंद" रखते हैं 'जुबान' लब 'खोला' नहीं करते...

"चाँद" के सामने "सितारे" 'बोला' नहीं करते...

बहुत "याद" करते हैं हम "आपको" लेकिन...

अपना ये "राज़" 'होंठों' से "खोला" नहीं करते!

 

चाहने से "प्यार" नहीं मिलता हवा से "फूल" नहीं खिलता...

"प्यार" नाम होता है "विश्वास" का...

"बिना विश्वास" सच्चा "प्यार" नहीं मिलताl 

 

लोग 'आँखों में आँखें' डालकर "इश्क" की बात करते हैं...

हमारी तो 'पलकें' उनके "नाम" से ही 'झुक' जाती हैं!

 

खुबसूरत 'इशारों' में 'वो' हम पर "अपना" 'हक' जता देते है...

'वो' मेरे नही होते...पर हमे "अपना" 'बता' देते है!

 

हम "इश्क" के 'फ़कीर' है... 

'छीनकर' ले जायेंगे... 

"दिल" की 'धड़कनें' तुम्हारी!

 

जिसके हिस्से में "रात" है यकीनन...

"चाँद" भी 'उसी' के "हिस्से" में होगा!

 

"गजल" लिखी हमने उनके 'होंठों को चूम' कर...

वो "ज़िद्द" कर के बोले… फिर से सुनाओ! 

 

मैं ये नही कहता 'पगली' कि "तू" नही मिली तो "जान" दे दूंगा...

पर "एक वादा" करता हूँ "तू" मिली तो जिंदगी भर साथ दूंगा!

 

रोज़ 'तारों' को "नुमाइश" में ख़लल पड़ता है... 

"चाँद" पागल है 'अँधेरे' में निकल पड़ता है!

 

तेरी "खूबसूरती" ही तेरी "मुस्कान" है... और...

तेरी "मुस्कान" में ही बसी "मेरी जान" है!

 

रोकने की 'कोशिश' तो बहुत की "पलकों" ने मगर... 

"इश्क" में 'पागल' थे आँसू... "ख़ुदकुशी" करते चले गये! 

 

"शिकायत" और "दुआ" में जब "एक" ही 'शख़्स' हो...

समझ लो "इश्क़" करने की "अदा" आ गयी 'हमें'! 

 

"राहत और चाहत" में... बस 'फर्क' है इतना...

"राहत" बस 'तुमसे' है... और "चाहत" सिर्फ 'तुम्हारी'!

 

"ज़रूरी काम" है लेकिन 'रोज़ाना भूल' जाता हूँ... new

मुझे... 'तुमसे' "मोहब्बत" है 'बताना भूल' जाता हूँ... 

"तेरी गलियों" में 'फिरना' इतना 'अच्छा' लगता है... 

मैं "रास्ता याद" रखता हूँ पर 'ठिकाना भूल' जाता हूँ! 

 

बैठे हैं दिल में ये 'अरमान' जगाये... 

कि वो आज 'नजरों' से हमें 'अपनी' पिलायें... 

मजा तो तब ही 'पीने' का यारों...

इधर हम 'पियें' और "नशा" 'उनको' हो जाये! 

 

धड़कते रहेंगे "तुम्हारे दिल" की 'गहराइयों' में दिन रात हम... 

जो कभी 'खत्म' न हो वो "अहसास" हैं हम! 

 

"जागना" भी 'मंजूर' है मुझे तेरी "यादों" मे..."रात" भर... 

जितना "तेरे एहसासों" में "शुकून" है उतना उस "नींद" मे कहाँ!

 

मैंने 'भर' दिया है मेरे पेज का हर "पन्ना" तेरी 'यादों' से... 

तु मेरे 'पेज' की हर 'शायरी' से पूछ कि "इश्क" किसे कहते हैं! 

 

"इश्क़" कभी भी 'पुराना' नहीं होता...

"इश्क़" जैसा कोई 'ख़ज़ाना' नहीं होता...

"इश्क़" रखता है जवाँ 'दिलों' को हमेशा... 

"इश्क़" में 'उम्र' जैसा 'पैमाना' नहीं होता! 

 

तेरा 'अक्स' गढ़ गया है 'आँखों' में कुछ ऐसा...

सामने "खुदा" भी हो तो दिखता है हू-ब-हू 'तुम' जैसा! 

 

गए थे कभी 'हम' भी उनका "दिल" 'चुराने'... 

पर मिल कर उनसे 'हम' 'अपना' ही "दिल गँवा" बैठे! 

 

"बादशाह" थे हम अपने 'मिजाज़' के... 

कमबख्त "इश्क़" ने 'तेरे दीदार' का "फकीर" बना दिया! 

 

"दुख" में "ख़ुशी" की वजह बनती है... "मोहब्बत"!

"दर्द" में "यादों" की वजह बनती है... "मोहब्बत"! 

जब कुछ भी "अच्छा ना लगे" हमें दुनिया में... 

तब हमारे "जीने" की वजह बनती है... "मोहब्बत"! 

 

ऊपर वाले ने कितने लोगो की "तक़दीर" 'संवारी' है... 

काश वो एक बार "मुझे" भी 'कह' दे कि आज तेरी "बारी" है! 

 

मैं कहाँ से लाऊँ कोई 'बताओ' कहाँ "बिकता" है वो...

वो "नसीब"जो तुझे "उम्रभर" के लिए "मेरा" कर दे! 

 

"जागना" भी मंजूर है मुझे तेरी "यादों" में "रात" भर... 

जितना "तेरे" एहसासों में "शुकून" है उतना उस "नींद" में कहाँ!

 

तेरे "इश्क" का 'कैदी' बनने का अलग ही 'मज़ा' है... 

"छूटने" को 'दिल' नहीं करता और 'उलझने' में 'मज़ा' आता है! 

 

'चाहत' वो नहीं जो "जान" देती है 'चाहत' वो नहीं जो "मुस्कान" देती है... 

ऐ-दोस्त "चाहत" तो वो है जो 'पानी' में "गिरा" 'आँसू' पहचान लेती है! 

 

कितना अजीब है "सुरूर तेरी मोहब्बत" का...

पल भर "तेरे दूर" जाने से "तेरी यादें सताने" लगती है! 

 

"इश्क" वो नहीं जो 'तुझे' मेरा कर दे...

"इश्क" वो है जो 'तुझे' किसी और का 'ना' होने दे! 

 

"दुआ" करो कि 'वो' सिर्फ "हमारे" ही रहे क्योंकि...

"हम" भी किसी और के "होना" नहीं चाहते हैं! 

 

"याद" करेंगे तो 'दिन से रात' हो जायेगी ... 

"आईने" में देखिये 'खुद' को हमसे बात हो जायेगी ...

"शिकवा" न करिये हमसे 'मिलने' का ...

"आँखे बंद" करिये हमसे 'मुलाकात' हो जायेगी!

 

"खिलखिला" उठती है 'चाय' तेरे 'होंठो' से लगकर ... 

कहीं उसको भी तुझसे 'इश्क़' तो नहीं हो गया! 

 

हम ने तो अपनी "गलती" 'सरेआम' बता दी ...

एक "गुलाब" को एक "गुलाब" देने की 'खता' की! 

 

तू जो "इजाजत" दे तेरे साथ मैं हो लूँ...

तू जो "मेरा प्यार" 'कुबूल' कर ले...

"तेरे प्यार" में 'खुद' को 'खो' लूँ...

तू जो "हमसफर" बन जाए मेरे यार...

तेरा साथ पाकर मैं "आसमान" छू लूँ! 

 

तेरे ''इंतज़ार'' में मेरा 'बिखरना इश्क़' है ...

तेरी "मुलाकात" पर 'निखरना मेरा इश्क़' है!

 

हर बार हम पर 'इल्ज़ाम' लगा देते हो "मोहब्बत" का...

कभी 'खुद' से भी पूछा है इतनी "खूबसूरत" क्यूँ हो! 

 

वो 'कागज़ का टुकड़ा' आज भी "फूलों" की तरह 'महकता' है ...

जिस पर उन्होने 'लिखा' था हमें 'तुमसे' "मोहब्बत" है! 

 

"तुमको" देखा तो "मोहब्बत" भी समझ आई ...

वरना इस "शब्द" की 'तारीफ़' ही "सुना" करते थे! 

 

तवज्जो दे अपनी 'तालीम' को ना पड़ 'इश्क़' के अज़ाबों में!

अक्सर 'बर्बाद' वही लोग होते हैं जो रखते हैं 'फूल किताबों' में! 

 

रेल की तरह 'गुज़र' तो कोई भी सकती है ...

इंतज़ार में 'पटरी' की तरह पड़े रहना ही 'असली इश्क़' है! 

 

तेरी "मोहब्बत" की 'बाजी' को यारा हम 'मान' गए ...

खुद तो 'वादों' से बंधे नही हमे ही 'यादों से बांध' गए! 

 

माना की "दिल" की गलियाँ 'तंग' है पर 'तेरे' लिए...

हमने किसी और का 'आना जाना' "बंद" कर दिया! 

 

घनी 'ज़ुल्फों' के साये में 'चमकता' 'चाँद सा चेहरा' ... 

तुझे देखूं तो कुछ 'रातें सुहानी' 'याद' आती हैं! 

 

तेरे होंठो में भी क्या खूब 'नशा' है ऐ सनम ... 

लगता है तेरे 'जूठे' पानी से ही "शराब" बनती है!