Bewafa Poetry in Hindi

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Bewafa Poetry in Hindi

Bewafa Poetry in Hindi 

 

वो 'भूल' गये कि उन्हे ...

'हँसाया' किसने था!

जब वो 'रुठते' थे तो ...

'मनाया' किसने था,

आज वो कहते है कि ...

"मैं बहुत खूबसूरत" हूँ, 

शायद वो 'भूल' गये कि उन्हे ...

ये बताया किसने था!

अब कहाँ जरुरत है ...

"हाथों मे पत्थर उठाने" की, 

तोडने वाले तो ...

"जुबान से ही दिल तोड" देते हैं... 

लाख समझाया कि ...

'शक' करती है दुनिया मगर!

ना गयी 'आदत' उसकी ...

"मुस्कुरा के गुजरने" की!

मुझे 'रिश्तो' की ...

"लम्बी कतारों से मतलब" नहीं!

कोई 'दिल' से हो मेरा...

तो एक 'शख्स' ही काफी है!

'दुआओं' को भी ...

अजीब 'इश्क़' है मुझसे ... 

वो "क़बूल" तक नहीं होती! 

मुझसे "जुदा होने के डर" से ...

"टूट कर बिखर" जाते है वो लोग ... 

"मिट्टी की दीवारों" की तरह, 

जो खुद से भी ज्यादा ...

किसी और से ...

"मोहब्बत" किया करते हैंl